चंडीगढ़, 4 फरवरी | पंजाब सरकार राज्य की जेलों में फुल बॉडी स्कैनर लगाने की तैयारी कर रही है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब सरकार ने जेलों में फुल बॉडी स्कैनर के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। पहले चरण में पंजाब की 6 जेलों में ये स्कैनर लगाए जा रहे हैं और इन जेलों के लिए ही टेंडर जारी किए गए हैं।
टेंडर के मुताबिक सबसे पहले बठिंडा, अमृतसर और कपूरथला की सेंट्रल जेलों, नाभा और संगरूर की हाई सिक्योरिटी जेलों के साथ-साथ श्री मुक्तसर साहिब जेलों में बॉडी स्कैनर लगाए जाएंगे। स्कैनर को धातु और गैर-धातु वस्तुओं, हथियारों, बमों, विस्फोटकों, प्लास्टिक विस्फोटकों, तरल विस्फोटकों, नशीले पदार्थों और मोबाइल, सिम कार्ड, ब्लेड, चाकू, लाइटर आदि जैसी अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं का पूरी तरह से पता लगाने में सक्षम होना आवश्यक है।
निविदा के अनुसार, स्कैनर की आवश्यकताओं में किसी भी प्रकार के प्रतिबंधित पदार्थ (हथियार, इलेक्ट्रॉनिक्स, नशीले पदार्थ) को स्वचालित रूप से पहचानने और पता लगाने की सुविधा भी शामिल है। यह व्यक्ति के जूते के तलवे की तस्वीर देने में सक्षम होना चाहिए।
पंजाब सरकार ने जनवरी में जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस कीर्ति सिंह की पीठ को सूचित किया था कि राज्य को जेलों में फुल-बॉडी स्कैनर स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति की आवश्यकता होगी। केंद्र सरकार के वकील ने हाई कोर्ट को आश्वासन दिया था कि केंद्र जल्द से जल्द अनुमति देगा। पंजाब की जेलों में 5जी मोबाइल सिग्नल जैमर के साथ फुल बॉडी स्कैनर लगाने का मामला पिछले कई वर्षों से पंजाब सरकार के समक्ष लंबित है। 2018 में, तत्कालीन जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जेलों में बॉडी स्कैनर और मोबाइल सिग्नल जैमर लगाने की योजना की घोषणा की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 2022 में ये कोशिशें फिर शुरू भी हुईं लेकिन फाइलें टेबल पर ही पड़ी रहीं।
पांच महीने के भीतर स्कैनर स्थापित होने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, स्कैनर मोबाइल फोन और सिम कार्ड सहित जेलों में दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए जांच और संतुलन में सुधार करने में मदद करेंगे। कई मामलों में यह बात सामने आई है कि जेलों में अक्सर शरीर के प्राइवेट पार्ट्स में छिपाकर प्रतिबंधित चीजें पहुंचाई जाती हैं।



