चंडीगढ़, 22 जनवरी | पंजाब में धर्म परिवर्तन करने वालों की संख्या बढ़ रही है, अधिकांश भारतीय ईसाई धर्म अपना रहे हैं। अकेले पंजाब की बात करें तो पिछले दो साल में 3.5 लाख पंजाबी अपना धर्म छोड़कर ईसाई बन गए हैं। सिक्ख विद्वान और शोधकर्ता डॉ. रणबीर सिंह ने ये दावा अपने सर्वे के आधार पर किया है। उनके अनुसार शहरों की तुलना में गांवों के लोग मुफ़्त रिऊड़ियां के चक्कर में ईसाई बन रहे हैं।
डॉ. रणबीर सिंह के सर्वे के मुताबिक, साल 2023-24 में करीब डेढ़ लाख लोगों ने अपना धर्म बदला, जबकि 2024-25 में 2 लाख लोगों ने दूसरा धर्म अपनाया। 2011 की जनगणना के अनुसार पंजाब की जनसंख्या 2 करोड़ 77 लाख थी। इनमें 1.26 फीसदी यानी करीब 3.5 लाख ईसाई थे।
पंजाब के तरनतारन में ईसाइयों की जनसंख्या 6,137 थी। 2021 में यह संख्या बढ़कर 12,436 हो गई है। दूसरे शब्दों में कहें तो तरनतारन में ईसाई धर्म अपनाने वालों की संख्या 102 फीसदी बढ़ गई है। गुरदासपुर जिले में ईसाइयों की आबादी 4 लाख से ज्यादा हो गई है।
सिक्ख विद्वान डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि भारत में धर्म परिवर्तन के लिए पाकिस्तान और अमेरिका समेत कई देशों से फंडिंग हो रही है। उन्होंने अपने सर्वे में कहा कि बदलते समाज के इस दौर में लोगों को धर्म बदलने के लिए लालच दिया जा रहा है। हिंदू, सिक्ख और मुसलमानों को लालच दिया जाता है। उन्हें यीशु के चमत्कार के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान बताया जाता है और फिर जरूरतमंदों की जरूरतों को पूरा करने के बाद उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित कर दिया जाता है।



