अमृतसर, 26 फरवरी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह आज एक संगठन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सिक्ख संगत ने इन सब चक्करों में न पड़कर सिक्ख सिद्धांतों की रक्षा करने की बात की और नए अकाली दल के बारे में बात करने के सवाल पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि युवा और संगत उन्हें जैसा आदेश देंगे, वैसा ही करेंगे।
पार्टी का निर्माण केवल संगत को सिक्ख सिद्धांतों से अवगत कराना और उनका प्रचार-प्रसार करना नहीं है। विरसा सिंह वल्टोहा द्वारा कल लगाए गए आरोपों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर यह सच है तो वह तुरंत प्रभाव से पीछे हट जाएंगे। विरसा सिंह वल्टोहा द्वारा पिछले दिनों ऐसे हालात होने पर जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से हटने के सवाल पर ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जत्थेदार के फैसले पलटे भी जा सकते हैं और जत्थेदार को बदला भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर शिरोमणि कमेटी महामहिम श्री अकाल तख्त साहिब के प्रस्ताव को पारित करके खारिज कर सकती है तो कुछ भी संभव हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह के आरोप उन पर लगाए जा रहे हैं वह ऐसे घटिया विचार और भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते और आज के बाद वह अपने आगामी कार्यक्रमों के बारे में बात करते हुए शिरोमणि कमेटी या शिरोमणि अकाली दल बादल द्वारा किए जा रहे झूठे प्रचार का कोई जवाब नहीं देंगे।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जहां भी सिक्ख संगठनों और संगतों द्वारा धर्म और सिक्ख नैतिकता से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, वे निश्चित रूप से वहां पहुंचेंगे। उन्होंने युवाओं से शिरोमणि अकाली दल और होरा द्वारा उनके खिलाफ किए जा रहे झूठे प्रचार का मुकाबला करने के लिए कहा और उन्हें निर्देश दिया कि वे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर श्री अकाल तख्त साहिब और उनके जत्थेदारों की सर्वोच्चता के बारे में कम से कम आधे घंटे पोस्ट करें ताकि यह झूठा प्रचार हवा में उड़ जाए।



