अमृतसर, 25 दिसंबर | एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आज पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शिरोमणि कमेटी और सिख संगत बंदी सिंहों की रिहाई के लिए न्याय की लड़ाई लड़ रही है। हम केंद्र से भीख नहीं मांग रहे हैं। उन्होंने भाई राजोआना की रिहाई पर अमित शाह के दिए गए बयान को सही नहीं बताया और कहा कि हम इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मसले पर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसकी ओर से उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा, जिस पर जवाब आया कि आप केंद्रीय गृह मंत्री से संपर्क करें।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रिहा किए गए अन्य कैदियों ने माफी मांगी है, इसलिए केंद्र सरकार को गुरु साहिब के सिद्धांत को समानता का प्रतीक मानते हुए उन कैदियों की रिहाई के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए। धामी ने कहा कि उनकी जेल में बंद भाई बलवंत सिंह राजोआना से 2 मुलाकातें हो चुकी हैं, लेकिन इस बारे में क्या कहा गया है, इसे वह सार्वजनिक नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि अमित शाह पूरे देश के गृह मंत्री हैं, उनके लिए उन्हें ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एमपी जब रवनीत सिंह बिट्टू ने भाई राजोआना के लोकसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे के बारे में पूछा तो प्रधान धामी ने कहा कि बिट्टू को रात में भी सपने में भाई राजोआना और शिरोमणि कमेटी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि म.प्र. बिट्टू राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं क्योंकि उन्हें लोकसभा चुनाव में वोट लेना है। उन्होंने कहा कि भाई राजोआना कोई राजनीतिक नेता नहीं हैं जो चुनाव लड़ेंगे।



