चंडीगढ़। मुख्यमंत्री भगवंत मान के सपने के अनुरूप पंजाब को अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए चल रहे अभियान के तहत गैंगस्टर-आतंकवादी गठजोड़ के खिलाफ एक और बड़े अभियान में पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा को गिरफ्तार किया। प्रदेश भर के सभी जिलों में दोनों अपराधियों से जुड़े आवासीय व अन्य ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गयी। इस ऑपरेशन का उद्देश्य भारत और विदेशों में स्थित आतंकवादियों, गैंगस्टरों और मादक पदार्थों के तस्करों के गठजोड़ को तोड़ना था।
पंजाब पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े असामाजिक तत्वों के 1490 से अधिक संदिग्ध ठिकानों पर दिन भर पंजाब पुलिस के करीब 2000 पुलिसकर्मियों के साथ 200 दलों ने छापेमारी की। उन्होंने कहा कि बिश्नोई और गोल्डी बराड़ समर्थित मॉड्यूल के हाल ही में सामने आने के दौरान कई लोगों से पूछताछ के बाद इस तलाशी और छापेमारी अभियान की योजना बनाई गई थी। इसके अलावा उक्त कवायद का मकसद असामाजिक तत्वों में भय पैदा करना और आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) कानून व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (सीएएसओ) पर विस्तार से कहा कि कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच लंबित है। उनके पास से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है, जिसकी आगे जांच की जा रही है। इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने इन अपराधियों के घरों और अन्य जगहों की गहन तलाशी ली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा भी एकत्र किया, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
पुलिस टीमों ने शस्त्र लाइसेंस की भी जांच की और लोगों से हथियारों की सोर्सिंग के बारे में पूछताछ की। इसके अलावा, आगे की जांच के लिए परिवार के विदेश में रहने वाले सदस्यों का यात्रा विवरण, विदेश से बैंक लेनदेन और वेस्टर्न यूनियन और संपत्ति का विवरण एकत्र किया गया है।



