मस्जिदों से दिल का जुड़ाव मजबूत ईमान की निशानी: मौलाना हकीम अकमल यजदानी
लुधियाना 18 दिसंबर। आशियाना कॉलोनी के हुसैनपुरा के पास जस्सियां लुधियाना में मस्जिद हजरत अली के शिलान्यास को लेकर एक अहम बैठक हुई, जिसका आयोजन मौलाना हकीम अकमल यजदानी सचिव हजरत अली मस्जिद,, हजरत अली मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद गुलाब एवं कोषाध्यक्ष मुहम्मद इरफान हजरत अली मस्जिद के और समिति के अन्य सदस्य की ओर से किया गया। जिस में मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती शहर लुधियाना एवं अध्यक्ष जमीयत उलेमा लुधियाना ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।
उद्घाटन भाषण के दौरान मौलाना हकीम अकमल यजदानी ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और कहा कि अल्लाह के घर के नाम पर इकट्ठा होना हमारे लिए गर्व और खुशी की बात है। नमाज, ईबादत की खातिर मस्जिद का रुख करना व दिल का मस्जिद के लिए बेचैन अवस्था में रहना यह इमान व विश्वास की परिपक्वता की निशानी है। आप ने कहा कि मस्जिद बनाने पर अल्लाह इंसान को जो इनाम और सवाब व दुनिया व परलोकिक जीवन में सुकून देता है , सच तो यह है कि इस नश्वर संसार में हम सही से उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते।
मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती ए शहर लुधियाना और अध्यक्ष जमीयत उलमा लुधियाना ने कहा कि हमें मस्जिदों, मदरसों और मक्तबों के मंच से देश के समुह धर्मों के लोगों के सामने एक साफ छवि पेश करनी है और नई पीढ़ी को मस्जिदों, मकतबों एवं मदरसों के शुद्ध वातावरण से करीब लाकर दीनी कार्यों,उस की तालीम एव तरबीयत का काम प्राथिमता के रुप में अंजाम देना है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले, तुर्की के वर्तमान राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोगान ने एक घोषणा की थी कि पूरे तुर्की में जो बच्चे 40 दिनों तक तकबीर उला के साथ अपनी मस्जिद में नमाज अदा करेंगे उन्हें तुर्की सरकार इनाम में साइकिल देगी और जो बच्चे हाफिज-ए-कुरान बनेंगे उन्हें सरकारी खर्च पर उमरा कराया जाएगा। इस घोणणा की बरकत से तुर्की के लाखों बच्चे बाजमात नमाज अदा करने के आदी हो गये हैं एवं हजरों बच्चे हाफिज ए कुरआन बन गये हैं। हमें भी अपनी मस्जिदों ऐसे अच्छे कर्म करने चाहिए।
मुहम्मद इरशाद और मुहम्मद गुलाब ने भी मस्जिद के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए और सभी उपस्थित लोगों और समर्थकों को धन्यवाद दिया। बैठक में भाग लेने वालों में कारी मुहम्मद इरशाद, मुन्ना भाई, फूल भाई उपाध्यक्ष, प्रधान सरफराज नेता अकाली दल, सदरे आलम कोषाध्यक्ष मस्जिद अली, सदाकत, अंजार, निजामुद्दीन उर्फ लाडो और अब्दुल कुद्दूस आदि के नाम शामिल हैं।




