मौलाना फतेह मोहम्मद नदवी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया और मौलाना मोहम्मद उमर साहिब क़ासमी मुजाहिदपुरी की शख्सियत पर तफ़सीली गुफ़्तगू की
मुजाहिदपुर, मुज़फ़्फ़राबाद, सहारनपुर24 अगस्त। जानकारी के अनुसार यू.पी. में शैख़ुल इस्लाम हज़रत मौलाना सैयद हुसैन अहमद मदनी के शागिर्दे-रशीद जनाब अल्हाज हज़रत मौलाना मोहम्मद उमर साहिब क़ासमी मुजाहिदपुरी नववरल्लाह मरक़दह, पूर्व नायब मोहतमिम मदरसा शाही मुरादाबाद की किताब तौशा-ए-आख़िरत की रस्म-ए-इजरा (रिलीज़) की तक़रीब का आयोजन हुआ। इस किताब को मौलाना हमीदुल्लाह क़ासमी कबीरनगरी ने तर्तीब दिया है।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मौलाना मोहम्मद उमर साहिब क़ासमी के खादिम मौलाना फतेह मोहम्मद नदवी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया और मौलाना मोहम्मद उमर साहिब क़ासमी मुजाहिदपुरी की शख्सियत पर तफ़सीली गुफ़्तगू की। इसके बाद किताब के मुर्त्तिब मौलाना हमीदुल्लाह क़ासमी कबीरनगरी ने मौलाना की ज़िंदगी और इस किताब से संबंधित बड़े अनोखे अंदाज़ में तिब्सिरा किया।
फिर मौलाना मुफ़्ती नासिरुद्दीन मजाहिरी ने मौलाना मोहम्मद उमर साहिब की दरवेशाना ज़िंदगी पर अपने तास्सुरात पेश किए। उनके बाद मेहमान-ए-ख़ुसूसी जनाब प्रोफ़ेसर मशर्रफ़ अली साहिब अलीगढ़ी ने अपने मुख़्तसर अल्फ़ाज़ में हज़रतवाला की ख़ुसूसियात पर रोशनी डाली। इसी तरह मास्टर ग़ुफ़रान अंजुम और राव क़ैसर सलीम साहिब ने मौलाना क़ासमी मुजाहिदपुरी को तारीख़-साज़ शख्सियत क़रार दिया।
प्रोग्राम के आखिर में हज़रत मौलाना मुफ़्ती मिन सादान ने मौलाना मोहम्मद उमर साहिब क़ासमी के कारनामों को उजागर करते हुए उनकी मुख़लिसाना कोशिशों को बड़े निराले अंदाज़ में सराहा और एक अहम ख़िताब से सामिईन को मुस्तफ़ीद फ़रमाया। इस प्रोग्राम में मौलाना अब्दुर्रशीद मजाहिरी, मौलाना अरशद नदवी, मास्टर जुनैद खुजनौर, हाफ़िज़ इनआम प्रधान, हाफ़िज़ नोशाद अज़हर, राव फ़रमान शेख़ुपुरा कदीम, क़ाज़ी मोहम्मद जावेद मुजाहिदपुर, डॉक्टर मोहम्मद फ़रमान मुग़ल मज़रआ, मोहम्मद फ़ैसल मुजाहिदपुर के अलावा बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की।



