चंडीगढ़। बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को करीब दो घंटे तक बजट सुनने के बाद कांग्रेस विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। पंजाब कांग्रेस प्रेसिडेंट अमरिंदर राजा वड़िंग ने एक बजट प्रस्ताव पर प्वाइंट ऑफ ऑर्डर मांगा। उन्होंने बार-बार अपनी बात रखी और वे अकेले ही वेल में भी चले गए। वड़िंग ने कहा कि वह बजट को लेकर कुछ अहम बातों का खुलासा करने चाहते हैं, जिससे साफ है कि वित्तमंत्री हरपाल चीमा द्वारा पेश किए गए दूसरे बजट में आम लोगों को दूर रखा गया है। यह झूठ का पुलंदा है।
यह सुनने के बाद स्पीकर ने वड़िंग को अपनी सीट पर जा कर बात रखने को कहा, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और कांग्रेसी विधायकों का हंगामा जारी रहा। वित्तमंत्री ने उन्हें कहा कि सुनने का माद्दा रखिए। इस पर स्पीकर ने कहा कि सदन में सिर्फ चेयर को संबोधित करते हुए बजट पूरा करिए। जब कांग्रेस विधायकों की बात नहीं सुनी गई तो वे सदन से वॉकआउट कर गए।
बजट पर चर्चा में विपक्ष को मिलेगा बोलने का मौका:कुलतार सिंह संधवां
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने विपक्षी सदस्यों को समझाते हुए कहा कि वित्तमंत्री चीमा को टोकना ठीक नहीं है। उन्हें बजट पढ़ने दिया जाए। कांग्रेस को जिन पॉइंट्स पर आपत्ति है, वह उन्हें नोट कर लें। बजट चर्चा में विधायकों को बात रखने का समय दिया जाएगा। खबरों में आने के लिए और अपनी हाजिरी लगवाने के लिए इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है।
बजट दिशाहीन, पुरानी घोषणाओं को नया बजट बता रही सरकार:बाजवा
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि बजट दिशाहीन है। सरकार को समझ ही नहीं आ रहा है कि करना क्या है। सरकार अपनी ही पुरानी घोषणाओं को बजट में शामिल कर उसे अगले साल का नया बजट बता रही है। राज्य में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है और सरकार अजनाला मामले में 20 दिनों बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं कर पाई है।



