Sunday, April 19, 2026
No menu items!
Google search engine

माँ भगवान की सब से खूूबसूरत रचना – उनका सम्मान हर हाल में ज़रूरीः ज़ीनिया वढेरा

Spread the News
 माँ का क्या कहना 

वो तो है एक गहना 

माँ जो इतनी है प्यारी 

 लगती सब को है कितनी न्यारी

जालंधर। विश्व में हर दिन किसी न किसी याद के साथ जुड़ा हुआ है, जिस में एक पवित्र दिन मां की ममता ओैर उस की भूमिकाओं को बखान करने के लिए भी है। उसी के मद्देनज़र मातृ दिवस की पूर्व संध्या पर पंजाब टाईमज़ न्यूज़ से बात चीत करते हुए श्री मति ज़ीनिया वढेरा ने कहा कि माँ भगवान की सब से खूूबसूरत रचना है, जिस की स्तुति जितनी की जाये उतनी ही कम है।

माँ के लिए मैं क्या लिखूँ, माँ ने मुझे खुद लिखा है। इस में कोई संदेह नहीं कि माँ बच्चों का जीवन संवारने में अपना जी जान लगा देती है, ओैर बदले में केवल उन्हें सम्मान ओैर स्नेह चाहिए होता है। बचपन से लेकर बड़े होने तक अपने बच्चों को अपनी समझ-बूझ से हर प्रकार के जीवन की सुख ओैर दुख के लिए त्यार करती है।

आज इस मातृ दिवस के उपलक्ष्य में ज़ीनिया वढेरा ने कहा कि वर्तमान में जिस तेज़ी के साथ ओल्ड एज होम में परिवारों के मुखिया ( माता- पिता) को लोग छोड़ कर चले आते हैं ओैर वह किस हाल में अपने जीवन के अंतिम पड़ाव को गुज़ारते हैं वह बयान नहीं किया जा सकता। माडरन दोैर में यह चलन बढ़ रहा है इसे खत्म किये जाने की ज़रूरत है। क्योंकि यदि हम आज अपने माता- पिता से प्रेशान होकर उन्हे ओल्ड एज होम या अनाथालयों में छोड़ आयेंगे तो कल हमारे साथ भी यही होगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments