चंडीगढ़,31 जनवरी। कुछ साल पहले हुई पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाल की हत्या के बाद पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश की राजनीति गरमा गई थी। इस कांड में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग का नाम सामने आया। लॉरेंस गैंग ने इसके बाद सलमान खान पर हमला करवाया। साथ ही एनसीपी नेता बाबा सिद्धीकी की हत्याकांड में भी इसी गैंग का हाथ सामने आया।
अब यह जानकारी सामने आ रही है कि सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर शगनप्रीत सिंह भी कोई कम शातिर नहीं है। वो ऐसा कांड कर चुका है, जिसके बाद खुद मोहाली की कोर्ट भी हैरान है। शगनप्रीत सिंह इस वक्त ऑस्ट्रेलिया में हैं। कोर्ट ने उसे भारत लाने का आदेश जारी किया है।
सिद्धू मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत सिंह ने 2021 में यूथ अकाली दल के पदाधिकारी विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिड्डू खेड़ा की हत्या में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस जांच के दौरान पता चला कि शगनप्रीत ने ही शार्पशूटरों के लिए मोहाली में रहने की व्यवस्था की थी और उन्हें कार उपलब्ध कराई थी। जिला अदालत ने मोहाली के एसएसपी को शगनप्रीत के खिलाफ प्रत्यर्पण कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया। वो इस वक्त भागकर ऑस्ट्रेलिया में छुपा हुआ है।
शार्पशूटर्स ने खोला राज
अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश बलजिंदर सिंह सरा ने यह निर्देश सोमवार को इस मामले में दबोचे गए तीन शार्पशूटरों सज्जन सिंह उर्फ भोला, अनिल कुमार उर्फ लट्ठ और अजय कुमार उर्फ लेफ्टी को दोषी करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ दिया।
कोर्ट ने माना कि शगनप्रीत ने मिडडूखेड़ा की हत्या के मकसद से शार्पशूटरों के लिए मोहाली में रहने की व्यवस्था की थी। वो शार्पशूटर्स को मोहाली सेक्टर 71 में मिडडूखेड़ा के घर के बाहर उनकी टोयोटा एसयूवी कार की पहचान करने के लिए लाया था। उसने उन्हें मोबाइल फोन पर मिडडूखेड़ा की तस्वीर दिखाई और शूटरों में से एक अनिल लट्ठ और लकी पटियाल के बीच कम्यूनिकेशन की सुविधा भी प्रदान की।



