इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनउ बैंच से ज़मानत स्वीकार होने के एक महीने बाद जेल से किये गये रिहा
लोकतंत्र एवं गंगा- जमनी संस्कृति में विश्वास रखने वालों में खुशी की लहर
मालेरकोटला। दाई ए इसलाम के प्रसिद्ध मोैलाना कलीम सिद्दीकी साहिब की रिहाई हो गई है। इस बारे में पंजाब टाईमज़ न्यूज़ से बातचीत करते हुए जामिया इसलामिया अज़ीज़िया के पधानाचार्या ( मोहतमिम) मुफ्ती मुहम्मद साकिब कासमी ने कहा कि पंजाब समेत देश भर में उन की रिहाई को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। क्योंकि वह एक ऐसे धर्म गुरु हैं जो सिर्फ अपनों में ही नहीं बल्कि समूह धर्मों के लोगों के बीच सोहार्द ,अमन- शांति के संदेश को आम करने एवं आपसी भाईचारे को मज़बूत करने में मुख्य भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी रिहाई से देश के लोकतंत्र एवं गंगा- जमनी संस्कृति में विश्वास रखने वालों में खुशी की लहर है।
श्री साकिब कासमी जी ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनउ बैंच से ज़मानत स्वीकार होने के एक महीने बाद वह जेल से रिहा कर दिये गये हैं। इस से यह बात सपष्ट हो जाती है कि उत्तर प्रदेश ए टी एस द्वारा धर्मांतरण के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया जाना ठीक नहीं था।




