Sunday, September 20, 2026
No menu items!
Google search engine

खदान संचालक की लापरवाही बनी हादसे का कारण, दो सगे भाइयों की मौत

Spread the News

कटनी। हरि शंकर पाराशर। बड़वारा क्षेत्र खनिज संपदा के लिए जाना जाता है। क्षेत्र में कई कंपनियां संचालित हैं। रेत से लेकर डोलोमाइट की खदान बड़ी संख्या में इस क्षेत्र में है। सरकार को यहां से अच्छा खासा राजस्व भी प्राप्त होता है।लेकिन इन्हीं जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी के कारण आए दिन इंसानों, मवेशियों की मौतें हो रही हैं। इसके अलावा किसानों को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है। आज फिर एक बार क्षेत्र में हुई एक ह्रदय विदारक घटना ने एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों को असमय मौत की नींद सुला दी।डोलोमाइट के खन्नन के लिए किए गए गड्ढे में डूबने से एक घर के दो आदिवासी मासूम बच्चों की मौत होने की दुखद घटना घटित हुई है।

घटना बड़वारा तहसील क्षेत्र के गुड़ा जमुनिया ग्राम में स्थित गोस्वामी डोलोमाइट खदान की है। जहां पत्थर चेक करने के लिए किए गए गड्ढे में बादल सिंह 7 वर्षीय, अरमान सिंह 4 वर्षीय की डूबने से मौत हो गई, पूरे मामले पर मृतक के पिता बलवीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हम रोज की तरह आज भी अपने खेत पर काम करने गए थे, इसी दौरान खेत के बाजू से खदान संचालकों के द्वारा किए गए गड्ढे में मेरे दोनों पुत्र डूब गए। दोनों को उपचार के लिए बड़वारा अस्पताल लाया गया जहां एक को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। दूसरे की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल रेफर किया गया था जहां उसने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने दो मासूम भाइयों की मौत के लिए खदान संचालक की लापरवाही बताते हुए प्रशासन से कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
शव रखकर किया प्रदर्शन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने बड़वारा थाना तिराहे में शव रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि प्रशासन की समझाइश के बाद धरने को समाप्त कर शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष अरविंद सिंह टेकाम ने बताया कि बड़वारा इलाके में लगातार पूंजीपतियों के द्वारा नियम विरुद्ध डोलोमाइट का खनन किया जा रहा है। जिसका खामियाजा यहाँ के आदिवासियों को उठाना पड़ रहा है। आए दिन लोगों की जाने खदान में डूबने से जा रही है। इसके बावजूद भी गहरी खदानों एवं अव्यवस्थित रूप से पड़ी खदानों को सुरक्षित नहीं कराया गया है।
जिसका खामियाजा बादल और अरमान जैसे आदिवासी मासूम बच्चों को उठाना पड़ रहा है। और इसकी जानकारी क्षेत्रीय अधिकारियों से लेकर जिले के आला अधिकारियों तक है, लेकिन सब ने मौन धारण किए हुए हैं। परिजनों, ग्रामीणों की मांग है कि मृतक परिजनों को दस लाख की सहायता राशि दी जाए और क्षेत्र में चल रही नियम विरुद्ध खदानों की जांच कर तत्काल कार्यवाही की जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर हमारी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी पूरे जिले में एवं बड़वारा मुख्यालय में उग्र आंदोलन करेगी जिसकी जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments