Saturday, April 11, 2026
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बठिंडा में खरीदे 2 प्लाटों से जुड़े मामले को लेकर मनप्रीत बादल के पूर्व गनमैन पर कसा गया शिकंजा

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चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बठिंडा विजिलेंस के रडार पर अब उनके करीबी भी हैं। विजिलेंस ने बादल में पूर्व में रहे गनमैन की प्रॉपटी संबंधी रिकॉर्ड जुटाना शुरू कर दिया है। विजिलेंस ने 12 साल पुराने गनमैन की व्यापारिक, रिहायशी और खेतीबाड़ी संबंधी प्रॉपर्टी का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया है। बठिंडा रेंज ने जांच-पड़ताल तेज की हुई है। इनमें से एक जांच पूर्व वित्त मंत्री बादल द्वारा अर्बन एस्टेट बठिंडा में खरीदे गए 2 रिहायशी प्लाट से संबंधित है। विजिलेंस को इन प्लाट की खरीद-फरोख्त पर संदेह है।

500 और 1000 गज के हैं प्लाट
विकास अथॉरिटी, बठिंडा (BDA) ने साल 2018 में बिना नक्शा अपलोड किए पांच प्लाट की बोली कराई थी। लेकिन कोई व्यक्ति बिड प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ था। इस कारण दोबारा 17 सितंबर 2021 को तीन प्लाट की ऑनलाइन बोली खोली गई, जो 27 सितंबर को होनी थी। उक्त दो रिहायशी प्लाट का रकबा एक हजार गज और 500 गज था।

एक ही कंप्यूटर से लगाई बोली
रिहायशी प्लाट की ऑनलाइन बोली में 3 लोग राजीव कुमार, विकास कुमार और अमनदीप शामिल हुए। विजिलेंस के अनुसार प्लॉट्स की बोली में हिस्सा लेने वाला अमनदीप किसी शराब के ठेके पर काम करता है। वहीं, विजिलेंस ने BDA के सर्वर के IP एड्रेस की जांच की तो पता लगा की बोली लगाने वाले तीनों लोगों ने एक ही कंप्यूटर से बोली लगाई थी।

पूर्व वित्त मंत्री बादल से एग्रीमेंट कर लिए एक करोड़ रुपए
विजिलेंस के अनुसार यह बोली पूल सिस्टम के तहत दी गई थी। बोली पर प्लाट मिलने के बाद राजीव कुमार और विकास कुमार ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल के साथ 30 सितंबर को दोनों प्लाट बेचने का एग्रीमेंट कर लिया। इनके एवज में बादल ने करीब एक करोड़ की धनराशि की अदायगी दोनों के बैंक खातों में कर दी। विजिलेंस जांच टीम के अनुसार राजीव और विकास ने 5 अक्टूबर 2021 को BDA के पास पहली किस्त के रूप में 25 प्रतिशत की धनराशि भरी थी।

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