अमृतसर। खालिस्तानी संगठनों ने अपनी हिंसक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वारिस पंजाब के प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके साथियों की तथाकथित 30 अप्रैल को रिहाई के नाम पर वैंकुवर स्थित भारतीय कोंसलेट दूतावास के सामने नारेबाजी की।
इस धरने के दौरान काउंसिल ऑफ सिक्ख फॉर जस्टिस और 8 गुरुद्वारों के नेतृत्व में इन प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तार व्यक्तियों की रिहाई की बात की और अपने खालिस्तान एजेंडे पर जोर दिया।
इस दौरान नारेबाजी के साथ खालिस्तानी झंडे भी लहराए। इन सबके बावजूद इतिहास को दोहराते हुए इन तथाकथित खालिस्तानी अलंबरदारों ने अपनी मांग को लेकर अधिकारियों को कोई मांग पत्र नहीं सौंपा।



