लुधियाना 16 अप्रैल। साप्ताहिक वर्चुअल मीटिंग सम्पन्न हुआ जिसके संयोजक पंजाब के समाज सेवक श्री सुधीर कुमार में श्रीवास्तव हैं और वे प्रत्येक हफ्ते के रविवार को वर्चुअल मीटिंग का आयोजन करते हैं जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों व कायस्थ संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं।
इस बार भी उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा,हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, चण्डीगढ़, दिल्ली इत्यादि प्रदेशों से कायस्थ चित्रगुप्त महासभा, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, श्री चित्रांश सभा जैसे संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी कर अपने विचार व्यक्त किए।
समाज सेवक श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ समाज अपना वजूद भूल चुका है। रोजी रोटी के लिए घरों से दूर जाकर नौकरी की मानसिकता अपने पन से अलग थलग कर दिया। पढ़ाई लिखाई में अव्वल रहने वाले बुद्धिमानी के लिए प्रसिद्ध कायस्थ समाज पढ़ लिख कर भी अधिकतर रोजी-रोटी के लिए दर दर भटक रहे हैं। क्योंकि मानसिकता केवल नौकरी जो कायस्थ समाज के भविष्य को गर्त में धकेल दिया है।
श्री सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने दुनिया भर के कायस्थों का आह्वान किया कि वे पढ़ लिख कर अच्छी नौकरी करें पर गुलामी नहीं अच्छी नौकरी के आशा में जीवन बर्बाद न करें। समस्त कायस्थों को अब समय आ गया है कि उन्हें व्यवसाय व राजनीति के क्षेत्र में भी अपना जलवा दिखाऐं जो कभी अतीत में रहा है। वर्तमान समय में कायस्थ समाज राजनीतिक क्षेत्र में नगण्य प्राय हो चुका है। लगभग हर राष्ट्रीय राजनीतिक दलों ने प्रत्याशी उतारने में कायस्थ समाज को दर किनार कर दिया जिसका मुख्य कारण सम्भवतः असंगठित व बिखरा हुआ कायस्थ समाज जिसमें किसी कायस्थ के कायस्थ समाज का वोट नहीं जो अन्य को चला जाता है। आइए हम सब मिलकर व्यवसाय व राजनीति क्षेत्र में गंभीरता से पहले करें और समाज व राष्ट्र के प्रगति में पूर्व की भांति अपना योगदान दे सकें।
नंगल के डा. डी एन प्रसाद ने भी कायस्थों के गिरते हुए स्तर पर चिंता जताई व सभी को व्यवसायिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में पदार्पण करने का आह्वान किया।
लुधियाना के अभिशेष श्रीवास्तव ने समस्त कायस्थ समाज को अपने पिछड़ते जाने की समीक्षा कर पुनर्जागरण पर बल दिया।
लुधियाना के श्री दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने कायस्थ समाज को अपने अहंकार त्यागने का आह्वान किया जो प्रगति में बाधक है।
पटना के श्री मिथलेश सिन्हा ने आगामी लोकसभा चुनाव में कायस्थ समाज के प्रत्याशियों की स्थिति से अवगत कराया।
गुरुग्राम के एडवोकेट श्री तरुण भटनागर कायस्थों द्वारा किए जा रहे कायराना हरकतों पर करारा जवाब दिया कि सभी समाज का आज राजनीतिक क्षेत्र में बोल बाला है केवल कायस्थ समाज ही पिछड़ा हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के जाने-माने अधिवक्ता व समाज सेवक श्री राजीव कुमार रंजन ने भी हर क्षेत्र में कायस्थ समाज के गिरते हुए स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त किए व संगठन को मजबूत करने के लिए समस्त कायस्थ संगठनों को एक बैनर तले आने की कवायद की व इसके लिए एक कमेटी गठित करने की सलाह दिए।
चण्डीगढ़ के श्री जे पी श्रीवास्तव व श्री टी पी श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से कायस्थों के तुच्छ मानसिकता कर चिंता जताई व सभी को सर्व प्रथम अपने विचारों को अहंकार विहीन करने का आह्वान किया।
दिल्ली के व्यवसाई व समाज सेवक श्री पवन श्रीवास्तव ने कायस्थ समाज के गिरते हुए स्तर पर चिंता जताई व सौहार्द्रपूर्ण वार्तालाप संवाद द्वारा एकजुट होकर राजनीतिक क्षेत्र में संचालन पर जोर दिया।
वार्तालाप में सर्वश्री अभय भटनागर (अंबाला), प्रदीप भटनागर (करनाल), ज्योति श्रीवास्तव (प्रयागराज),गौरव भटनागर, पीयूष सक्सेना (गुरुग्राम),विनय भटनागर (उदयपुर), श्री राम श्रीवास्तव (सोनीपत), प्रवेश मोहन श्रीवास्तव (अमृतसर), वैदिक श्रीवास्तव (जलंधर) व अन्य विद्वानों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त कर कायस्थ समाज को संगठित व पुनः विकास पर ध्यान देने को कहा।



