Tuesday, April 21, 2026
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27 महीने जेल में गुज़ारने के बाद पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की जेल से रिहाई – हाथरस कांड के दौरान हुई थी गिरफ्तारी

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लखनऊ ।  जेल में बंद केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की जेल से रिहाई हो गई। गुरुवार की सुबह वह जेल से रिहा हुए। 23 दिसंबर को हाईकोर्ट ने सिद्दीक कप्पन को सशर्त जमानत दी थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय शंकर पांडे ने कप्पन को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें और इसी धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड के बाद हिंसा भड़काने और देशद्रोह के आरोपों में गिरफ्तार पत्रकार सिद्दीक कप्पन की गुरुवार सुबह जेल से रिहाई हुई। 27 महीने बाद कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन जेल से छूटा। दो मामलों में सशर्त जमानत मिलने के एक माह से अधिक समय बाद लखनऊ की एक विशेष अदालत ने कप्पन की रिहाई के आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं।

आपको बता दें कि 23 दिसंबर को हाईकोर्ट ने सिद्दीक कप्पन को सशर्त जमानत दी थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश संजय शंकर पांडे ने कप्पन को एक-एक लाख रुपये की दो जमानतें और इसी धनराशि का मुचलका दाखिल करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

कप्पन की ओर से गत 9 जनवरी को जमानतनामे कोर्ट में दाखिल किए गए थे। इस पर कोर्ट ने जमानतदारों की हैसियत का सत्यापन कराए जाने का आदेश दिया था। बुधवार को जमानतदारों व उनके द्वारा दाखिल दस्तावेजों का सत्यापन हो गया। जिस पर कोर्ट आरोपी को रिहा करने का आदेश दे दिया है।

चर्चित हाथरस कांड के दौरान कथित पत्रकार सिद्दिक कप्पन को गिरफ्तार किया गया था। कप्पन पर हवाला से धन प्राप्त कर के देश विरोधी कार्यों में प्रयोग करने समेत अन्य आरोपों का संज्ञान लेकर ईडी ने कप्पन पर कार्रवाई की थी।
जांच के दौरान पाया गया कि यूपी पुलिस ने 7 अक्तूबर 2020 को मसूद अहमद सिद्दीक कप्पन, अतिकुर रहमान और मोहम्मद आलम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उस समय गिरफ्तार किया था जब वह साम्प्रदयिक सौहार्द बिगड़ने, दंगे भड़काने और आतंक फैलाने हाथरस जा रहे थे।

कहा गया कि आरोपी सिद्दीक कप्पन पीएफआई के मुखपत्र तेजस डेली में कार्य करता था। साथ ही आरोपी को 2015 में दिल्ली में दंगे करने के लिए नियुक्त किया गया था। आरोप है कि विवेचना में पता चला कि पीएफआई के सदस्य के रऊफ व अन्य सदस्यों को एक षड्यंत्र के तहत विदेश से 1 करोड़ 38 लाख रुपए दिए गए थे।

जिला जेल के जेलर राजेंद्र सिंह के मुताबिक न्यायालय से कप्पन को मनी लांड्रिंग, पीएमएलए मामले में जमानत मिल गई है। गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम: यूएपीए और आईटी एक्ट समेत अन्य मामलों में कोर्ट से उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है।

जेलर ने बताया कि सिद्दीक कप्पन का रिहाई आदेश जेल प्रशासन को प्राप्त हो गया है। गुरुवार सुबह रिहाई संबंधी सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया। पांच अक्तूबर 2020 को हाथरस में हिंसा भड़काने की साजिश रचने के आरोप में मथुरा पुलिस ने कप्पन समेत पांच को पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मथुरा जेल से उसे 21 दिसंबर 2021 को लखनऊ जिला जेल में शिफ्ट किया गया। कप्पन तब से जिला जेल लखनऊ मे बंद था।

केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन ने कहा कि मैं 28 महीने बाद जेल से बाहर आया हूं। मुझे सपोर्ट करने के लिए मैं मीडिया का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मुझ पर झूठे आरोप लगाए गए। मैं अब बाहर आकर खुश हूं।

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