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जमीयत उलेमा हिंद देश और कौम की हितैषी जमात हैः मौलाना दिलशाद कासमी

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मालेरकोटला,22 सितम्बर। प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान( आलिम ए दीन) मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी, अध्यक्ष जमीयत उलमा, संगरूर जिला एवं मोहतमिम मदरसा दारुल उलूम, मालेरकोटला की देखरेख में नूर मस्जिद जर्ग चौक, मालेरकोटला में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुफ्ती दिलशाद कासमी ने की, जबकि विशेष अतिथि के रूप में मौलाना दिलशाद कासमी, आयोजक, जमीयत उलेमा-ए-हिंद और कारी खुर्शीद कासमी ने भाग लिया।

मौलाना दिलशाद कासमी ने कहा कि जमीयत उलेमा हिंद की सेवाएं अविस्मरणीय हैं, उन्होंने कहा कि देश की परिस्थितियों  के लिहाज से जमीयत उलेमा हिंद की की प्राथमिकताएं आजादी से पहले और आजादी के बाद विभिन्न रहीं हैं। और हर कालखंड में देश और कौम की हिफाजत और सलामती  को लेकर जमीयत उलमा ए हिंद ने काम किया है। उन्होंने कहा कि देश के बदलते परिदृश्य को देखते हुए हजरत मौलाना सैयद महमूद असद मदनी अध्यक्ष जमीयत उलेमा हिंद की दिन- रात की मेहनतों की बदौलत दीनी तालीमी बोर्ड, जमीयत यूथ क्लब, मिल्लत फंड, और जिम समेत जमीयत उलमा के सभी विभाग मुसतैदी के साथ देश भर में लगन से काम कर रहे हैं।

मौलाना दिलशाद कासमी ने कहा कि पहले कदम के रूप में पंजाब के मलेरकोटला और लुधियाना जैसे अनुकरणीय जिलों में दीनी तालीमी बोर्ड, यूथ क्लब, मिल्लत फंड और जिम की स्थापना करके देश को एकजुट किया जाएगा और हर धार्मिक और सामाजिक कार्य अनुशासन के साथ आगे बढ़ेगा एवं कई जटिल समस्याओं का समाधान होगा।

मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी अध्यक्ष जमीयत उलमा संगरूर और मोहतमिम मदरसा दारुल उलूम मालेरकोटला पंजाब के ने कहा कि दीनी तालीमी बोर्ड  का विभाग यहां गतिशील और सक्रिय है और संगठित मकातिब की संख्या बढ़ रही है और शहर के लोग इसमें बहुत रुचि ले रहे हैं। एवं जमीयत यूथ क्लब, मिल्लत फंड एवं जिम  जैसे विभाग भी स्थापित करने के प्रयास किये जायेंगे।

मुफ़्ती दिलशाद कासमी मालेरकोटलावी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में जमीयत उलेमा हिंद की सेवाओं पर प्रकाश डाला और मौलाना दिलशाद कासमी को मालेरकोटला आने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में भाग लेने वालों में मौलाना जुबैर, कारी काशिफ, कारी अबू बक्र, कारी ओवैस, प्रधान मुहम्मद अकबर, मुहम्मद बिलाल, हाजी साबिर, मुहम्मद आरिफ, मुहम्मद काशिफ, अब्दुल लतीफ, मुहम्मद शकील और नूर मस्जिद की प्रबंधन समिति के अन्य सदस्यों के नाम उल्लेखनीय हैं।

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