चंडीगढ़। 1 नवंंबर। पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पंजाब सरकार की ओर से भेजे गए तीन मनी बिलों में से दो को विधानसभा में पेश करने को मंजूरी दे दी है। यह उन्होंने उस समय किया है जब सुप्रीम कोर्ट में तीन नवंबर को राज्य सरकार की ओर से विधानसभा के सत्र बुलाने को लेकर याचिका दायर की हुई है।याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में पारित बिलों को राज्यपाल पास नहीं कर रहे है।
राज्य सरकार 28 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट गई थी और इस केस की सुनवाई 3 नवंबर को है।जिन दो मनी बिलों को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है उनमें एक जीएसटी संशोधन बिल 2023 है जिसके अधीन राज्य में जीएसटी एपिलेट ट्रिब्यूनल बनाए जाने हैं, जबकि दूसरा बिल गिरवी रखे जाने वाली जायदादों पर स्टांप ड्यूटी लगाने को लेकर है।
यह बिल जून मे बुलाए गए विधानसभा सत्र के दौरान भी पेश किया जाना था लेकिन सरकार ने इसे सेशन शुरू होने से मात्र एक दिन पहले राज्यपाल को भेजा जिसके चलते राज्यपाल ने इसे मंजूरी नहीं दी। लिहाजा, सरकार को बिल वापिस लेना पड़ा। हालांकि अभी एक और मनी बिल राज्यपाल के पास लंबित है जो फिस्कल रिस्पॉसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट से संबंधित है। इसे अभी मंजूरी नहीं दी गई है।



