श्री मुक्तसर साहिब, 4 जनवरी | श्री मुक्तसर साहिब में मेला माघी के दौरान लगने वाली घोड़े की मंडी और घोड़े के शो पर सरकार द्वारा पाबंदी लगाने को लेकर पंजाब भर के घोड़ा पालकों में रोष पाया गया है। जिसको लेकर आज पंजाब भर से आए हुए घोड़ा पालकों की तरफ से श्री मुक्तसर साहिब में घोड़ा मंडी लगाने को लेकर डीसी दफ्तर के समक्ष भारी संख्या में इक्कठे होकर के रोष प्रदर्शन किया गया और घोड़ा मंडी पर लगाई गई पाबंदी को हटवाने के लिए मुख्यमंत्री के नाम मुक्तसर के तहसील को मांग पत्र सौंपा गया है।
इस मौके पर घोड़ा पालकों ने कहा कि अगर सरकार की तरफ से उनकी मांग को नहीं माना गया तो आने वाले समय में मेला माघी के दौरान जहां हर साल घोड़ा मंडी लगती है वही अपने तंबू लगाकर घोड़े की मंडी लगाई जाएगी।
मीडिया टीम के साथ बातचीत करते हुए घोड़ा पालकों ने कहा कि सरकार की तरफ से घोड़े को हो रही एक अलग किसम की बीमारी का बहाना लगाकर इस घोड़ा मंडी पर रोक लगाई जा रही है, परंतु पंजाब के साथ लगते अलग-अलग राज्यों में घोड़े की मंडियां लगाई जा रही हैं और पंजाब के घोड़ा पलकों को अपने घोड़े को वहां जाकर बेचना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 1 साल से पंजाब में लगने वाले घोड़े की मंडी और घोड़े के शो पर बंदी लगे होने के कारण घोड़ा पलकों को बहुत बड़े नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि इस घोड़ा मंडी से सरकार को बहुत बड़ी आमदनी होती है लेकिन सरकार हमारा बहुत बड़ा नुकसान कर रही है।
उन्होंने कहा चाहे राजस्थान हो या हरियाणा या कोई और राज्य सभी जगह 10 से 12 दिन तक घोड़ा मंडी लगती है घोड़े के विभिन्न विभिन्न शो भी होते हैं पर वहां पर घोड़ा मंडी को लेकर किसी तरह की कोई भी पाबंदी नहीं है, और कहां के अगर घोड़े को कोई बीमारी हो रही है तो उसके लिए सरकार कोई भी कदम नहीं उठा रही , अगर सरकार ने हमारी मांग नहीं माननी तो हम किसान जथेबंदी बीकेयू सिद्धपुर के साथ मिलकर अपना संघर्ष लड़ेंगे।



