हाजी मोहम्मद फुरकान बिजनौरी बनाए गए जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना के ख़ज़ानची
लुधियाना,7 सितम्बर। हाजी नोशाद आलम बिजनौरी और हाजी मोहम्मद फुरकान बिजनौरी की मिली और दीनी सेवाओं से पंजाब व यू.पी. के आम और खास लोग अच्छी तरह वाक़िफ़ हैं। हाजी नोशाद आलम बिजनौरी और हाजी मोहम्मद फरकान बिजनौरी लुधियाना पंजाब में लंबे अरसे से रह रहे हैं और अपने बेदाग़ किरदार व अमल तथा इल्म-दोस्ती और उलमा-नवाज़ी की वजह से यू.पी. और पंजाब में एक अलग पहचान बना चुके हैं।
हाल ही में हुए जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना के चुनाव में हाजी नोशाद आलम बिजनौरी को जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना का उपाध्यक्ष चुना गया है, जबकि हाजी मोहम्मद फुरकान बिजनौरी को उनकी बे-लौस सेवाओं के मद्देनज़र दूसरी बार जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना का ख़ज़ानची नियुक्त किया गया है।
मुफ्ती मोहम्मद आरिफ़ क़ासमी लुधियानवी, कन्वीनर जमीयत उलेमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और चंडीगढ़ ने इस चुनाव को “हक़-ब-हक़दार रसीद” का मिसाल बताते हुए कहा कि हाजी नोशाद आलम बिजनौरी और हाजी मोहम्मद फुरकान बिजनौरी जैसे साफ़-सुथरी छवि रखने वाले और दीन व मिल्लत के सच्चे खिदमतगारों के जमीयत उलेमा के इन अहम ओहदों पर फ़ायज़ होने से, अकाबिर की इस जमात को न सिर्फ़ लुधियाना में बल्कि पूरे पंजाब में और मज़बूती हासिल होगी और जमीयत उलेमा लुधियाना के प्लेटफॉर्म से दीन व सामाजिक सेवाओं की अंजामदही के नए-नए रास्ते खुलेंगे।
मुफ्ती मोहम्मद आरिफ़ लुधियानवी ने कहा कि इस चुनाव की पंजाब भर में सराहना की जा रही है और हाजी नोशाद आलम बिजनौरी व हाजी मोहम्मद फरकान बिजनौरी को मुबारकबाद पेश करने का सिलसिला अब तक जारी है। उन्होंने कहा कि इस चुनाव को उम्मीद-भरी निगाहों से देखा जा रहा है और इस कार्यकाल में जमीयत उलेमा ज़िला लुधियाना की कारगुज़ारी में पहले के मुक़ाबले उल्लेखनीय इज़ाफ़ा होगा।




