अमृतसर, 18 अक्टूबर | श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मुझे पद की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। हमने पूरा मामला अकाल पुरख के सामने रखा। श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार रघबीर सिंह ने मुझे पद पर बने रहने का आदेश दिया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आगे कहा कि जब तक अकाल पुरख का आदेश आएगा हम सेवा करते रहेंगे, जब अकाल पुरख का आदेश आएगा तो हम सेवा छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि सिंह साहब ने जो आवाज उठाई है वह निश्चित तौर पर इतिहास रचेगी। इस दौरान उन्होंने अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा के साथ हुई झड़प को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
बता दें कि अकाली नेता विरसा सिंह वलहोटा से चल रहे विवाद के बीच श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे शिरोमणि कमेटी ने खारिज कर दिया था। हाल ही में एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा था कि शिरोमणि कमेटी कई सालों से सिक्ख मुद्दों का प्रतिनिधित्व कर रही है। वहीं एस.जी.पी.सी वह सभी तख्त साहिब के जत्थेदारों का गहरा सम्मान करती हैं। उन्होंने कहा कि सिक्खों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और शिरोमणि कमेटी को बचाने के लिए सभी को एक साथ आना होगा।



