गुरदासपुर,25 फरवरी। नौजवानों में से एक ज़िला गुरदासपुर के गांव चौदरपुर के का रहने वाला जुगराज सिंह ने अपनी पूरी आप बीती सुनाते हुए कहा की अपने हिस्से की खेती की ज़मीन बेचकर उसने कुछ कर्ज़ भी उठाया और करीब 40 लाख रुपये इकठ्ठा कर वह अच्छे भविष्य के लिए विदेश अमेरिका गया था। वहां जुगराज सिंह ने बताया कि वह घर से जुलाई 2024 में गया था, लेकिन एजेंट उसे करीब 7 महीने विभिन्न देशों में घूमता रहा और पनामा के जंगल से भी निकला। आखिरकार वह 7 फरवरी को मेक्सिको बॉर्डर पार कर अमेरिका पहुंचा, लेकिन वहां उसे अमेरिका की बॉर्डर फोर्स ने ग्रिफ़्तार कर लिए और कैंप में करीब 7 दिन रखा। वहां कैंप में रहते हुए उसे अमेरिकी सैनिकों द्वारा मानसिक तौर पर यातने दी गई ।
जुगराज सिंह ने बताया कि वहां से कैंप से उसे और उसके साथ अन्य भारतीयों को, जिनमें महिलाएं भी थीं, 14 फरवरी को सैनिक जहाज़ में हथकड़ियाँ और बेड़ियां डाल वापस पनामा में भेज दिया गया, और पनामा में एक संस्था द्वारा उन्हें एक होटल में रखा गया। वह होटल को जेल की तरह बना दिया गया है, जहां अन्य देशों के लोग भी हैं और होटल में जो होटल में उस जैसे सभी लोगों की निगरानी के लिए फोर्स भी तैनात है और वह उन्हें कहीं बाहर नहीं जाने देते।
जुगराज सिंह बताते हैं कि पिछले दो दिन पहले उसे और उसके साथ अन्य भारतीय नवजवानों को फ्लाइट द्वारा वापस भारत भेजा गया है और जब वह पनामा से फ्लाइट में वापस आये तो उन्हें दूसरे मुसाफिरों की तरह ही लाया गया है बस यही रहा कि जब रास्ते में फ्लाइट के दो पड़ाव थे तो वहाँ उन पर एयरपोर्ट पर निगरानी की गई जबकि भारत वापस आते हुए उन्हें कोई हथकड़ी नहीं लगाई गई।



