पटना28 जनवरी। बिहार में कई दिनों से चल रहा राजनीतिक सस्पेंस अब खत्म हो गया है और भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ सरकार एक बार फिर से वापसी हुई है। यह हम सभी को मालूम है कि बिहार के सियासी सफर में कई मौके पर लोगों के अपने अपने विचार बदले हैं साथ ही उनकी निष्ठा भी बदली है, आब एक बार फिर बिहार में आरजेडी-जेडीयू गठबंधन टूटने के बाद नीतीश कुमार कि पार्टी जेडीयू के साथ फिर से बीजेपी की पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनी है। जेडीयू और बीजेपी के बीच पहली बार 1998 में गठबंधन हुआ था। 2022 में नीतीश कुमार ने अपने तमाम कारणों से उन्होंने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया फिर बीजेपी का साथ छोड़ दिया था। इसके एक घंटे के अंदर उन्होंने आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट के साथ मिलाकर सरकार बना ली थी। अब एक बार फिर दो साल बाद महागठबंधन व आरजेडी का दामन छोड़कर बीजेपी का दामन थामने के बाद फिर बिहार में गठबंधन कर सरकार बनाई है।
वहीं बिहार बीजेपी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह व उपाध्यक्ष हितेंद्र ठाकुर उर्फ नुनु ने हमारे सहयोगी व समाजसेवी ईं आर के जायसवाल से बातचीत में सामुहिक रूप से इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिहार विकास और यहां के जनता कि भलाई में यह बहुत महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले समय के चुनाव में फायदा-नुकसान को दरकिनार कर हम सभी को प्रदेश कि भलाई के लिए सभी को एकजुट होकर और सबकुछ भूलकर एक साथ काम करना होगा ताकि प्रदेश के विकास में एक मिसाल कायम कर सके ।
वहीं उन्होंने प्रदेश कि नई सरकार कि गठन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी व बिजय सिन्हा को बनाए जाने के लिए शुभकामनाएं व बधाई दी साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को भी बधाई दी और आने वाले समय में बिहार विकास में एकजुट होकर आगे बढ़ने के लिए जिज्ञासा जताई।



