जालंधर। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पर फ्लाईओवर के लिए बनाए जा रहे 80 फीट गहरे बोरवेल में 22 घंटे से इंजीनियर फंसा हुआ है। रविवार शाम तक NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसकी तलाश कर रही हैं। 5 JCB मशीन करीब 35 फीट तक खुदाई कर चुकी हैं। इंजीनियर की पहचान सुदेश (30) के रूप में हुई है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुदेश मशीन ठीक करने के लिए बोरवेल में उतरा था। वह अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर भी लेकर गया था, जब वह ऊपर आने लगा तो मिट्टी उस पर आकर गिरी। इसके बाद साइट पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इसके बाद दाेबारा 40 फीट से ज्यादा मिट्टी बोरवेल में जा गिरी। दिल्ली-अमृतसर-जम्मू-कटरा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के तहत करतारपुर कस्बे से कपूरथला को जाते हुए गांव बशरामपुर के पास हाईवे प्रोजेक्ट चल रहा है। सभी स्थानीय सड़कों पर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं ताकि एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक रेगुलर चलता रहे।
इसी योजना के तहत करतारपुर से कपूरथला रोड के ऊपर फ्लाईओवर बनाया जा रहा है, जिसके पिलर बनाने के लिए R-1500 मशीन के साथ जमीन में बोर किया जा रहा है। जमीन में बोर करने के बाद इसमें कंक्रीट और पिलर बनाने का काम होता है। शनिवार को अचानक बोर करने वाली मशीन खराब हो गई।



