Monday, September 21, 2026
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डिजिटल सिस्टम की मार, पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस बनवावा हुआ मुश्किल

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जालंधर,6 मई। पंजाब सरकार द्वारा डिजिटल सिस्टम जरिए सेवाओं को पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से स्थापित किए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टैस्ट सैंटर, नजदीक बस स्टैंड में सोमवार को एक बार फिर तकनीकी खामी ने सैंकड़ों लोगों को परेशानी का कारण बना।

इस सैंटर पर दोपहर 2 बजे सर्वर पूरी तरह ठप्प हो गया, जिससे ड्राइविंग लाइसैंस बनवाने आए लोगों को घंटों तक इंतजार करना पड़ा। शाम तक के लंबे इंतजार और जानकारी के अभाव में आवेदकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सैंटर पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए रूटीन ड्राइविंग टैस्ट सुबह शुरू हो गए थे लेकिन जैसे ही दोपहर का वक्त हुआ, सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। सुबह से ही सैंटर के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। स्कूटर, मोटरसाइकिल और कार लेकर छात्र, महिलाएं, नौकरीपेशा लोग और बुजुर्ग बड़ी उम्मीद के साथ पहुंचे थे। कुछ स्कूल और कॉलेज के छात्र छुट्टी लेकर आए थे, तो कुछ महिलाओं ने अपने घर के कामकाज से समय निकालकर केंद्र पर दस्तक दी थी।

हालांकि सुबह का टैस्टिंग कार्य रूटीन की तरह सुचारू रूप से चलता रहा, लेकिन जैसे ही घड़ी ने दोपहर 2 बजे का समय पार किया, सर्वर ने पूरी तरह से जवाब दे दिया। सैंटर के अधिकारियों ने शुरूआत में इसे ‘क्षणिक समस्या’ बताते हुए लोगों को प्रतीक्षा करने को कहा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, सैंटर पर मायूसी और झुंझलाहट का माहौल बढ़ता गया। एक ओर सर्वर की समस्या से जूझ रहे लोग इंतजार में बैठे रहे, दूसरी ओर तेज धूप और उमस ने उनके धैर्य की परीक्षा लेना शुरू कर दी। सैंटर में न तो पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था थी, न ही बैठने का कोई माकूल इंतज़ाम। कतार में खड़े कुछ बुजुर्ग तो ऐसी हालत में आ गए कि उन्हें छांव में बैठाना पड़ा। एक महिला आवेदक ने गुस्से में कहा, “हम छोटे बच्चों को घर छोड़कर यहां आए हैं। घंटों इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई अधिकारी ठीक से जानकारी देने को तैयार नहीं है। अगर तकनीकी समस्या है, तो पहले ही सूचित किया जाना चाहिए था।

स्टाफ ने नोटिस चस्पा कर सिस्टम के फेलियर से किया किनारा
करीब 2 घंटे तक इंतजार करने के बाद सैंटर के कर्मचारियों ने ड्राइविंग टैस्ट ट्रैक के ऑप्रेटर रूम के बाहर एक नोटिस चस्पा कर सिस्टम के फेलियर से किनारा कर लिया। इसमें लिखा था कि “सर्वर डाऊन होने के कारण ड्राइविंग टैस्ट एवं लाइसैंस प्रक्रिया आज के लिए स्थगित की जा रही है।” यह सूचना पढ़ते ही वहां खड़े आवेदकों में आक्रोश फैल गया। कुछ ने शांति बनाए रखी, जबकि कुछ लोगों ने राज्य सरकार की डिजीटल व्यवस्था को कोसते हुए नाराजगी जताई।
कई आवेदकों का कहना था कि यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्हें ऐसी परेशानी झेलनी पड़ी है। हर महीने में कम-से-कम एक-दो बार इस सैंटर पर सर्वर डाऊन हो जाता है या फिर बहुत धीमा काम करता है, जिससे कुछ आवेदक तो लाइसैंस बनवाने को कईं बार आना पड़ता है।

 

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