हरियाणा। पानीपत के गांव गढ़ी नवाब में दूसरी शादी करते समय पति को पत्नी ने रंगे हाथ पकड़ लिया। पंजाब के पटियाला जिले के मुरली गांव के परमजीत सिंह यहां दूसरी बार शादी करने पहुंचे थे, लेकिन उनकी पहली पत्नी चरणजीत कौर के पहुंचते ही शादी रद्द कर दी गई। अपने ही पति को दूसरी महिला के साथ मंडप पर बैठा देख महिला ने हंगामा किया और 112 डायल कर पुलिस को फोन किया। बापोली थाना पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर पहली पत्नी को रात 11 बजे तक थाने में ही रखा। उसके बाद कहा कि वहां से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार जींद जिले के गांव रोडे की रहने वाली चरणजीत कौर ने बताया कि उसकी शादी मुरली गांव निवासी परमजीत सिंह के साथ छह फरवरी 2012 को हुई थी। उसी दिन उसकी बहन कुलवंत कौर की भी शादी पति परमजीत के भाई बलविंदर सिंह से हुई थी। शादी के वक्त से ही दोनों कपल्स में अनबन चल रही थी। तीन साल बाद चरणजीत कौर के यहां एक बेटी हुई लेकिन बहन कुलवंत को कोई संतान नहीं हुई। यहीं से कहानी बिगड़ गई।
दोनों बहनों के चरित्र पर सवाल उठे थे। इसके बाद बच्चे समेत दोनों बहनों को घर से निकाल दिया। करीब 7 साल से वह अपने मायके में रह रही है। चरणजीत कौर के अनुसार उसने पति परमजीत सिंह के खिलाफ सफीदों थाने में रोज़-रोज़ के झगड़ों का मामला दर्ज कराया था। अब उनके बीच दहेज और खर्चे का मामला कोर्ट में चल रहा है। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोनों बहनों के मामूली खर्च पर भी फैसला सुनाया। कुछ दिनों तक दोनों आरोपित पतियों ने खर्चा दिया। फिर बंद कर दिया गया और उसके बाद वह जेल भी गया।
किसी ने भी दोनों तरफ से तलाक का मामला दर्ज नहीं कराया। चरनजीत कौर का कहना है कि उसकी बहन के पति बलविंदर की करीब एक साल पहले दूसरी शादी हुई थी, लेकिन पुलिस इस बात का सबूत चाहती है। बापोली थाने के प्रभारी उपनिरीक्षक महावीर सिंह का कहना है कि सफीदों थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। ऐसे में यहां कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। हालांकि, कोई भी तलाक के कागजात पेश नहीं कर सका। यह अपराध की श्रेणी में आता है, जब विवाह हो जाता है और विवाह अभी तक नहीं हुआ है।



