पटना। महाराष्ट्र की सियासत में उथल पुथल के बीच बिहार में सियासी हलचल तेज है। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश में भी कुछ बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। इसी बीच राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने की बिहार के सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात करने की खबर है। बताया जा रहा है कि सोमवार, 3 जुलाई की शाम ये मुलाकात हुई है और दोनों के बीच करीब डेढ़ घंटे बैठक चली है। हालांकि, ये मुलाकात क्यों हुई और इसको लेकर अभी तक कुछ भी स्पष्ट तौर पर कुछ सामने नहीं आया है।
बता दें कि ये मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि बिहार की सियासत में भी बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार का अपने विधायकों और सांसदों से वन टू वन मिलने के बाद से इस बात को और हवा मिली है। इसके पहले बीते 28 जून को बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से राजभवन जाकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी के अलग-अलग मिलने से भी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। इसके बाद जमीन के बदले नौकरी घोटाले में चार्जशीट और सुशील मोदी द्वारा तेजस्वी यादव को बर्खास्त किए जाने की मांग से भी कड़ियों की लड़ियां जोड़ी जाने लगी हैं।
इसके साथ ही चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की उस बात से भी कनेक्शन जोड़ा जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि देश में कई लोगों को ऐसा लग रहा है कि नीतीश कुमार बीजेपी (BJP) के खिलाफ देश स्तर पर कोई बड़ा महागठबंधन बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। लेकिन, ये बात पूरी तरह से विश्वसनीय नहीं है। उन्होंने कहा था कि जहां तक मैं समझ पाया हूं कि नीतीश कुमार महागठबंधन में जरूर हैं, लेकिन बीजेपी के साथ उन्होंने चैनल बंद नहीं किया है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि हरिवंश नारायण राज्य सभा के उपसभापति के पद पर बने हुए हैं।



