नई दिल्ली। कम उम्र से बच्चों को ये सिखाया जाता था कि खाना खाते वक्त टीवी नहीं देखना चाहिए। पूरा ध्यान खाने पर लगा होना चाहिए। आज के वक्त में टीवी तो नहीं, पर बच्चे मोबाइल और टैबलेट पर लगे रहते हैं। जब से सोशल मीडिया का ट्रेंड बढ़ा है। तब से सिर्फ बच्चे ही नहीं, बड़े भी इसी कड़ी में जुड़ गए हैं।
खाने पीने के वक्त मोबाइल फोन देखते रहना आम हो गया है। ऐसे में एक रेस्टोरेंट (mobile phone ban in Japan restaurant) ने अपने ग्राहकों के लिए नियम बनाया है जिसकी तारीफ तो लोग कर रहे हैं पर उसके कारण के बारे में जब आप जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे।
एक रिपोर्ट के अनुसार जापान के टोक्यो में एक रेस्टोरेंट है जिन्होंने अपने यहां मोबाइल फोन्स पर बैन लगा दिया है। डेबू चैन नाम के इस रेस्टोरेंट ने पहल की है। जापान में रैमन नूडल सर्व करने वाले रेस्टोरेंट में एक अनकहा नियम है, जल्दी खाइए और जगह खाली कर के जाइए।
रैमन की भीड़ काफी ज्यादा होती है। इसलिए कस्टमर से ऐसी उम्मीद की जाती है कि दूसरे ग्राहकों के लिए जगह छोड़ दें। पर बहुत से लोग देर तक इंतजार करते हैं।
जब रेस्टोरेंट कर्मियों ने इस बात को नोटिस किया कि आखिर इतनी देर क्यों लग रही है। तब उन्होंने पाया कि जो लोग देर तक रुक रहे हैं, वो रैमन ठंडा होने तक फोन चलाते रहते हैं और मोबाइल पर वीडियोज़ देखते-देखते ही खाते हैं।
जिससे उन्हें देर लगने लगती है। रेस्टोरेंट के मालिक काई ने कहा कि वो हकाटा रैमन सर्व करते हैं जो सिर्फ 1 मिलिमीटर चौड़ी होती है। इतनी पतली होने की वजह से वो जल्दी स्ट्रेच हो जाती है और तुरंत ही बर्बाद हो जाती है।
ये सब देखकर उन्होंने मोबाइल पर बैन ही लगा दिया। बैन लगाने से उनकी आंखों के सामने उनकी ही डिश बर्बाद नहीं होती, और दूसरा ये कि पीक समय में, जब भीड़ बहुत ज्यादा होती है, तो अंदर बैठे 30 लोगों की मोबाइल चलाने की आदत की वजह से बाहर 10 अतिरिक्त लोग इंतजार करते नहीं रह जाते हैं।
जापान में इस रेस्टोरेंट के नियम को लेकर काफी चर्चा है। रेस्टोरेंट में सिर्फ 30 सीटे हैं और उन्होंने दुकान में कहीं भी ऐसा साइन नहीं लगाया है, वो लोगों के पास खुद जाकर ऐसा करने को कहते हैं।



