पंजाब सुफीयो की धरती है, उनकी शिक्षाओं में तोैहीद के साथ साथ भाईचारे की तालीम मोैजूदः मोहम्मद अकबर अली
सरहंद। हजरत मुजद्दीदे अल्फेसानी इमाम रब्बानी शेख फारूक रहमतुल्लाही ताला अलेही के उर्स के मौके पर दुनिया भर से अकीदतमंद हाजीर हुए वहीं सुबह से ही कुरआन खानी और चादरपोशी का सिलसिला चलता रहा। जुम्मा का दिन होने के बिना पर लोग बहुत बड़ी तादाद में इकट्ठे थे। इस दौरान पीरे तरीकत मुफ्ती सय्यद फरीद शाह भी जम्मू कश्मीर से सथीयो के साथ हाजीर हुए मोहम्मद अकबर अली जालंधरी से मुलाकात के दौरान मुफ्ती साहब ने अपनी दुआओं से नवाजा।
इस मौके पर मुफ्ती साहब ने बताया कि हजरत मुजद्दीदे अल्फेसानी इमाम रब्बानी शेख फारूक रहमतुल्लाही ताला अलेही सरहिंद शरीफ के सिर्फ भारत ही में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में चाहने वाले हैं। क्योंकि इनका इस्लाम को फैलाने में बहुत बड़ा योगदान है और इन्होंने अपनी जान की कुर्बानी देकर अल्लाह ताला को राजी किया है। इसलिए कयामत तक इनकी चर्चा होती रहेगी। अकबर अली जालंधरी ने जहां उर्स की मुबारकबाद तमाम अकीदतमंदो को पेश करी वही देश में अमन भाईचारे के लिए दुआ भी की। इस दौरान अकबर अली के साथ फिरोज मास्टर, मौलाना खुर्शीद आलम दिल्ली से ,सलाम खान, मोहम्मद उस्मान खान,पप्पू खान, आलम खान, मोहम्मद जैनुल और कई साथी पंजाब के अलग-अलग जगह से मौजूद थे।




