शाबान रमजान के स्वागत का महीना है: मुफ्ती इरतिका उल हसन कांधलवी
मालिरकोटला, 3 मार्च। कारी मोहम्मद गुलबहार कासमी की देखरेख में, मकतब मआरिफ अल-कुरान जमालपुरा मालेरकोटला में एक इजलास ए आम का आयोजन किया गया। मुफ्ती इरतिकाउल हसन कांधलवी मुफ्ती ए आजम पंजाब व मुफ्ती मुहम्मद दिलशाद कासमी उस्ताद ए हदीस मदरसा अरबिया हिफ्ज अल-कुरान मालेरकोटला ने क्रमशः कार्यक्रम का संरक्षण और अध्यक्षता के कर्तव्यों का पालन किया। कारी खादिम-उल-इस्लाम, शिक्षा निदेशक, जामिया फैज़ुल उलूम, नाभा रोड, मालेरकोटला, कार्यक्रम के उद्घोषक थे। मकतब मआरिफुल -कुरान के छात्र मुहम्मद अनस एव मुहम्मद सादिक ने तिलावत ए कुरान एव नाते नबी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कारी अब्दुल रऊफ बुलन्दशहरी शेख अल-क़ुर्रा दारुल उलूम देवबंद ने अपने संबोधन में पवित्र कुरान से जुड़ने के सांसारिक और पारलौकिक लाभों पर प्रकाश डाला और दर्शकों का ध्यान ज्ञान और विद्वानों के सम्मान की ओर आकर्षित किया। उन्होंने लगभग पोन घंटे तक पवित्र कुरान की तिलावत की और शांत वातावरण में लोगों ने कलाम ए इलाही को सुना।
मुफ्ती इरतिकाउल हसन कांधलवी ने पवित्र कुरान के अधिकारों और शिष्टाचार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रमजान का महीना आ रहा है, इसलिए हमें धीरे-धीरे पवित्र कुरान का पाठ करने की अपनी दिनचर्या को बढ़ाना चाहिए। क्योंकि यही रमजान के स्वागत का तरीका है। जो शरिया के दृष्टिकोण से अच्छा और वांछनीय है।
मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी मुफ्ती ए शहर लुधियाना व जमीयत उलेमा लुधियाना के अध्यक्ष और मुफ्ती मुहम्मद दिलशाद कासमी इमाम और खतीब बड़ी मस्जिद जमालपूरा मालेरकोटला ने कहा कि कारी मोहम्मद गुलबहार कासमी की देखरेख में चलने वाला मकतब मआरिफ अल-कुरान मालेरकोटला शहर का एक मानक मकतब है। जहां छात्रों को तजवीद के कवायद की रियायत के साथ पढ़ने- पढाने की व्यवस्था की जाती है, शहर के लोगों को ऐसे मकतबों के प्रति अपना समर्थन बढ़ाना चाहिए क्योंकि यह समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति भी है और यह हमारा इस्लामी और नैतिक कर्तव्य भी है।
कारी अब्दुल रऊफ बुलंद शहरी और अन्य मेहमानों के हाथों हिफ्ज मुकम्मल करने वाले दो छात्र और नाजरा मुकम्मल करने वाले 9 छात्रों को सम्मानित किया गया और हाफिजों को दस्तार बांधी गयी। कारी मोहम्मद गुलबहार कासमी ने दर्शकों को धन्यवाद दिया। शरीक होने वालों में कारी मुहम्मद तल्हा इमाम मदनी मस्जिद मरकज-ए-तब्लीग, कारी मुहम्मद रफीक, कारी मुहम्मद उमेर, कारी मुहम्मद अरशद, कारी अब्दुल कादिर, कारी तसव्वुर, मौलाना राशिद, कारी मुहम्मद कासिम, कारी मुरसलीन, कारी अब्दुल्ला और कारी अकरम आदि के नाम शामिल हैं।



