मालेरकोटला,3 अगस्त। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता शहबाज जहूर मालेरकोटलवी के बेटे हाफ़िज़ रय्यान अहमद मुतालिम दारुल उलूम मालेरकोटला के हिफ्ज क़ुरान की तकमील याद के अवसर पर मस्जिद शाह फ़ज़ल मालेरकोटला में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता और संरक्षकता के फराईज मुफ्ती इरतिकाउल हसन कांधलवी मुफ्ती ए आजम पंजाब एवं सदस्य ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड व मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी, अध्यक्ष जमीयत उलेमा जिला, संगरूर एवं मोहतमिम दारुल उलूम मालेरकोटला ने अंजाम दिए।
वहीं विशेष अतिथि के रूप में मौलाना इफ्तिखार और मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी संयोजक जमीयत उलेमा हरियाणा- पंजाब ने भाग लिया, समागम का आगाज़ देश के प्रसिद्ध कारी, कारी तय्यब जमाल की तिलावत ए कुरआन और मदरसा दारुल उलूम मालेरकोटला के एक छात्र की नात से हुआ।
मुफ़्ती इरतिकाउल-हसन कांधलवी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में क़ुरान याद करने के दुनियावी और आख़िरत फ़ायदों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हाफिज ए कुरआन हो जाना एक मोमिन के लिए सब से बड़ कर सआदत व खुशबख्ती की चीज़ है। कुरआन करीम को लफजन व मानन आम करना एवं उस पर दिल व जान से अमल करना ही दुनिया व परलोकिक जीवन में सफलता की सीढ़ी है।
मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी मोहतमिम दारुल उलूम मालेरकोटला पंजाब ने कहा कि अकाबिर की देखरेख में दारुल उलूम मालेरकोटला पंजाब ने कम समय में शिक्षा और निर्माण के मामले में अच्छी प्रगति की है और भविष्य में भी यही प्रयास जारी रहेगा की इस इदारे द्वारा सर्वश्रेष्ठ कुरान के हाफिज एवं उलमा ए दीन तैयार किये जाएं।जो हर मोर्चे पर देश और राष्ट्र के लिए उपयोगी और लाभदायक साबित हों।
मुफ्ती मुहम्मद आरिफ लुधियानवी ने कहा कि अल्लाह ने मालेरकोटला को इलमी और दीनी मामले में पंजाब का केंद्र होने का सम्मान दिया है और शहबाज़ जहूर जैसे एक ईमानदार और साहसी सेवक के घर में कुरान के हाफिज का तैयार होना बहुत खुशी की बात है।
इस समागम में भाग लेने वालों में कारी रियाज अहमद इमाम और खतीब शाह फजल मस्जिद , मास्टर मुहम्मद इकबाल इमाम और खतीब इस्माइल बस्ती, कारी मुहम्मद इरफ़ान हक्कानी और कारी मुहम्मद आकिब आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।



