नई दिल्ली,5 फरवरी। अमेरिका की यूएसएड एजेंसी के बंद करने की घोषणा से दुनियाभर में खलबली है। यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएड) की सहायता से कई देशों में स्वास्थ्य, जलवायु, विकास, खाद्य सुरक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में संचालित योजनाओं के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।भारत में चल रही योजनाओं पर पड़ेगा असर
भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगा, क्योंकि यहां भी यूएसएड के माध्यम से कई योजनाएं चल रही हैं। विशेषज्ञों ने भी भारत में स्वास्थ्य, जल, सफाई व स्वच्छता और जलवायु से संबंधित प्रमुख कार्यक्रमों के प्रभावित होने की चेतावनी दी है। आइए जानते हैं कि भारत में इस एजेंसी की क्या भूमिका है।
70 वर्षों से भारत में कार्यरत
यूएसएड ने भारत में कार्यरत अपने साझेदारों को योजनाएं रोकने का निर्देश दिया है। यह अमेरिकी एजेंसी भारत में 70 वर्ष से स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत को यूएसएड के माध्यम से 14 करोड़ डॉलर मिले हैं।



