Saturday, April 18, 2026
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मुख्यमंत्री मान ने अमृतपाल सिंह के बलिदान पर जताया दुख-परिवार को देंगे वित्तीय मदद

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मानसा।  जम्मू-कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में तैनात जिले के गांव कोटली कलां के अग्निवीर अमृतपाल सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। शुक्रवार को अमृतपाल सिंह का शव गांव पहुंचा तो पूरा गांव शोक में डूब गया। नम आंखों से सभी ने बलिदानी को अंतिम विदाई दी। शोक में डूबी बलिदानी की दोनों बहनों ने अमृतपाल के पार्थिव शरी को कंधा दिया। पुलिस की टुकड़ी ने सलामी दी और फिर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अमृतपाल सिंह माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। कुछ महीने पहले ही अग्निवीर के तहत भारतीय सेना में भर्ती हुए थे।

इस समय जम्मू कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में तैनात थे। अमृतपाल के पिता गुरदीप सिंह ने बताया कि उनका बेटा एक महीने पहले ही ड्यूटी पर गया था। उन्हें अपने बेटे के बलिदान पर गर्व है। उन्होंने बताया कि अगले महीने ही उसकी चचेरी बहन की शादी थी और उसने घर आने के लिए छुट्टी भी मंजूर करवा ली थी।

वहीं, चाचा सुखजीत सिंह व इंद्रजीत सिंह ने बताया कि परिवार पहले ही बहुत गरीबी से गुजरा है। अमृतपाल के सेना में भर्ती होने के बाद परिवार को कुछ आर्थिक मजबूती की आस बंधी थी, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने केंद्र व पंजाब सरकार को अपील की कि परिवार की आर्थिक सहायता की जाए।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतपाल सिंह के बलिदान पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के लिए खास तौर पर परिवार के लिए अपूर्णनीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के साथ गहरी हमदर्दी जाहिर की और कहा कि इस दु:ख की घड़ी में पंजाब सरकार परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति के मुताबिक पीड़ित परिवार को वित्तीय सहायता दी जाएगी।

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