चंडीगढ़, 21 जनवरी। पंजाब में अकाली दल के साथ गठबंधन का विरोध कर रही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेताओं को बड़ा झटका लगा है। उन्हें ये झटका बसपा सुप्रीमो ने दिया है। बसपा प्रमुख मायावती ने साफ कर दिया है कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (अकाली दल) के साथ उनका गठबंधन बरकरार रहेगा।
दिल्ली में पार्टी के पंजाब अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी के साथ बैठक में मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब के अलावा किसी अन्य राज्य में किसी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। पंजाब में ही पार्टी अकाली दल के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने पार्टी के पंजाब अध्यक्ष को बूथ स्तर पर कमेटियां बनाने का भी आदेश दिया है।
विरोध करने से कोई फायदा नहीं था
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो ने सबसे पहले पंजाब प्रदेश इकाई के साथ बैठक की और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने गठबंधन के फैसले का ऐलान किया। हालांकि, हाल ही में पार्टी अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने खुद इस गठबंधन का विरोध किया था और कहा था कि कई घरों के मेहमान भूखे रह जाते हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पंजाब अध्यक्ष ने गठबंधन को लेकर विरोध भी जताया और कहा कि शिरोमणि अकाली दल उनका सहयोग नहीं कर रहा है। लेकिन मायावती ने अन्य नेताओं से भी फीडबैक मांगा। इसके बाद गठबंधन बरकरार रखने का फैसला लिया गया।



