फरीदकोट, 16 नवंबर | जिले में पराली जलाने की घटनाओं की पुष्टि होने के बाद 24 घंटे में पुलिस प्रशासन की ओर से 19 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 17 किसानों के नाम भी शामिल हैं. पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ न केवल केस दर्ज किए जा रहे हैं, बल्कि उनकी जमीन को लाल रेखा के नीचे लाने के साथ-साथ जुर्माना और अन्य प्रतिबंध भी लगाए जा रहे हैं।
पराली जलाने का दुष्परिणाम आम लोगों के साथ-साथ किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट भी सख्त हो गया है। कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिकों की टीम द्वारा फरीदकोट समेत राज्य के अन्य जिलों में सर्वे किया जा रहा है।
इसके अलावा जिले के उपायुक्त विनीत कुमार यह भी दावा कर रहे हैं कि जिन किसानों पर जुर्माना लगाया गया है, उनसे हर हाल में जुर्माना वसूला जाएगा और रोक भी जारी रहेगी।




