लुधियाना, 14 फरवरी 2024: भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने दिल्ली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के विरोध में 15 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य भर में ट्रेनें रोकने का ऐलान किया है।
यूनियन के अध्यक्ष जुगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों पर लगाए गए प्रतिबंध और आंसू गैस के गोले की वे निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि गैर राजनीतिक किसान मोर्चा और किसान संघर्ष समिति की दिल्ली जाने की योजना थी, जिसे सरकार ने विभिन्न प्रतिबंध लगाकर रोकने की कोशिश की और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई में कई किसान घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वह किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। उनकी मांग है कि सरकार किसानों का सारा कर्ज रद्द करे, लखीमपुरी खीरी के दोषियों को सजा दे, एम. एस. पी. कानून बनाने की मांग, पहले आंदोलन के दौरान शहीद हुए मोर्चा के किसानों को मुआवजा देने की मांग और स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने की मांग है। ये किसान मोर्चा की मांगें हैं और बिल्कुल जायज हैं।
उगराहां ने कहा कि 15 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक राज्य भर में रेलवे ट्रैक जाम किए जाएंगे। उन्होंने किसानों से इस आंदोलन में शामिल होने और सरकार को किसानों की जायज मांगें मानने के लिए मजबूर करने की अपील की।
यह आंदोलन पंजाब में किसानों के बढ़ते आक्रोश का संकेत है। 15 फरवरी का रेल रोको आंदोलन राज्य में बड़ा असर डाल सकता है।
यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह आंदोलन गैर राजनीतिक किसान मोर्चा और किसान संघर्ष समिति द्वारा आयोजित किया जा रहा है। ये संगठन भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) से अलग हैं, जो पहले ही दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से अपना समर्थन वापस ले चुका है।
यह देखना बाकी है कि 15 फरवरी का रेल रोको आंदोलन कितना सफल होता है और इसका पंजाब में किसान आंदोलन पर क्या प्रभाव पड़ता है।




