मुफ्ती सलीम अहमद साकरस और मुफ्ती आरिफ लुधियानवी विशेष मेहमान के तौर पर हुए शामिल
पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों की ताज़ा स्थिति और राहत सामग्री के वितरण पर हुआ विचार-विमर्श
लुधियाना,8 सितम्बर। मुफ्ती सलीम अहमद साकरस (कन्वीनर व जनरल सेक्रेटरी जमीअत उलमा मेवात तथा नाज़िम इस्लाह-ए-मुआशरा जमीअत उलमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़) की अध्यक्षता में जमीअत उलमा ज़िला लुधियाना पंजाब की मासिक बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मौजूद लोगों से बातचीत करते हुए मुफ्ती सलीम अहमद साकरस ने कहा कि पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए मेवात के लोगों ने दिल खोलकर मदद की है और मेवात के ग्रामीण व शहरी इलाकों से रोज़ाना सैकड़ों ट्रक राशन लेकर रवाना हो रहे हैं। इस समय पंजाब के इन इलाकों में बड़ी मात्रा में राहत सामग्री पहुंच चुकी है और लगातार पहुंच रही है। लेकिन हक़ीक़त यह है कि पंजाब के प्रभावित किसान भाइयों को अगले एक-दो महीने तक हमारे सहारे की ज़रूरत रहेगी। पंद्रह-बीस दिन बाद जब पानी उतर जाएगा, तब किसान सबसे पहले अपनी खेती की तरफ़ ध्यान देंगे और उन्हें अनाज, खाद, पशुओं के चारे, बच्चों, महिलाओं और जानवरों के लिए दवाइयों तथा डीज़ल जैसी चीज़ों की तुरंत आवश्यकता होगी।
इसलिए मेवात और देश के अन्य राज्यों के मुसलमानों से गुज़ारिश है कि वे पंजाब के प्रभावित इलाकों की मदद के लिए किसानों की ज़रूरी चीज़ें और पैसा अपने-अपने क्षेत्रों में ज़रूर इकट्ठा करें। लेकिन इन सामग्रियों और पैसों को सुरक्षित तरीके से हक़दारों तक पहुंचाने के लिए फ़िलहाल इन्हें अपने-अपने इलाकों या पंजाब के लुधियाना, फ़िरोज़पुर आदि के किसी स्टॉक में जमा करा दें, ताकि आगे ज़रूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक इन्हें पहुंचाया जा सके।
मुफ्ती मोहम्मद आरिफ लुधियानवी (कन्वीनर जमीअत उलमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़) ने कहा कि लुधियाना में सौ से अधिक मस्जिदें हैं और सभी इलाकों से पंजाबी प्रभावित भाइयों के लिए राहत सामग्री भेजी गई है। पंजाबी बाग, एल ब्लॉक, इंद्रा बाड़ेवाल, सतजोत नगर, रूप नगर आदि कई इलाकों के लोगों ने अभी पैसा और सामग्री जमा की हुई है, जिसे बीस-पच्चीस दिन बाद प्रभावित इलाकों में बांटा जाएगा। उन्होंने कहा कि मौलाना मोहम्मद याह्या करीमी (नाज़िम-ए-आला जमीअत उलमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़) की निगरानी में खासीकलां लुधियाना में जो मेवाती कैंप स्थापित है और जहां राशन जमा किया जा रहा है, उसमें गाड़ियों से सामान उतारने और राहत किट बनाने जैसे कामों में भी लुधियाना के मुसलमान बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
हाजी मोहम्मद फुरकान (ख़ज़ान जमीअत उलमा ज़िला लुधियाना) ने कहा कि पंजाब के प्रभावित इलाकों को तीन ज़ोन में बांटा गया है और संतोषजनक सर्वे के लिए तीन टीमों को नियुक्त किया गया है। ये तीनों टीमें एक-दो दिन में अपनी रिपोर्ट मौलाना याह्या करीमी, मुफ्ती सलीम अहमद साकरस, हाजी नौशाद आलम और मुफ्ती मोहम्मद आरिफ लुधियानवी की सेवा में पेश करेंगी। इन्हीं रिपोर्ट्स की बुनियाद पर यहां से राशन के ट्रक पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों की ओर रवाना किए जाएंगे।
मौलाना अल्तमश लुधियानवी (जनरल सेक्रेटरी जमीअत उलमा ज़िला लुधियाना) और क़ारी मुजाहिदुल इस्लाम बिजनौरी (नाज़िम इस्लाह-ए-मुआशरा जमीअत उलमा ज़िला लुधियाना) ने कहा कि हमेशा की तरह इस महीने भी जमीअत उलमा लुधियाना के तत्वावधान में इस्लाह-ए-मुआशरा के चार कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें मुफ्ती सलीम अहमद साकरस (कन्वीनर जमीअत उलमा मेवात), मुफ्ती मोहम्मद आरिफ लुधियानवी, मुफ्ती हक़ नवाज़ क़ासमी (मदरसा फ़लाह-ए-दारेन ग़ौसपुर) और हाफ़िज़ मोहम्मद ममशाद आदि के खिताब होंगे।
करीब दो बजे बैठक समाप्त हुई। बैठक में हाजी मोहम्मद ताहिर, हाफ़िज़ मोहम्मद ममशाद, क़ारी मोहम्मद रियासत, हाफ़िज़ मोहम्मद तैय्यब और क़ारी मोहम्मद हुसैन (सदर जमीअत उलमा शहर लुधियाना),मौलाना अनस लुधियानवी, मोहम्मद शादाब बिजनौरी, अब्दुस्समद सहारनपुरी और मोहम्मद हैदर सहित मेवात के कई आम और ख़ास लोग शामिल रहे।



