नई दिल्ली। तुर्किये और सीरिया में भूकंप से खतरनाक तबाही मची है। दोनों ही देशों में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक 28,192 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों की संख्या 78 हजार के पार हो गई है। इसी बीच UN की मदद भेजने वाले इकाई के चीफ मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा- भूकंप से हुई मौतों का आंकड़ा दो गुना हो सकता है। जैसे-जैसे मलबा हटेगा, शव बरामद होंगे। रेस्क्यू ऑपरेशन फाइनल स्टेज में है। लेकिन हम नहीं जानते की इसे कब रोका जाना चाहिए।
वहीं, सीरिया में समय पर मदद नहीं पहुंच पा रही है। इसकी वजह भूकंप के बाद सड़कों पर मलबा जमा हुआ है। हरेम शहर में एक पिता ने बताया कि उनकी बटी मलबे में दबी थी लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। अबू अली ने कहा- मेरी बेटी भूकंप के एक दिन बाद भी जिंदा थी। मलबे में दबे रहने के 24 घंटे बाद भी उस तक मदद नहीं पहुंची। हमारे पास मलबा हटाने के लिए कोई मशीनें नहीं थी। हम मदद का इंतजार करते रहे। काफी वक्त बीत गया। मैंने खुद अपने हाथों से उसके शव को बाहर निकाला।
दुनिया में हर साल 20 हजार भूकंप आते हैं
हर साल दुनिया में कई भूकंप आते हैं, लेकिन इनकी तीव्रता कम होती है। नेशनल अर्थक्वेक इन्फॉर्मेशन सेंटर हर साल करीब 20 हजार भूकंप रिकॉर्ड करता है। इसमें से 100 भूकंप ऐसे होते हैं जिनसे नुकसान ज्यादा होता है। यह कुछ सेकेंड तक रहता है। अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा देर तक रहने वाला भूकंप 2004 में हिंद महासागर में आया था। यह भूकंप 10 मिनट तक रहा था।



