राजस्थान, 22 नवंबर | यहां के झुंझुनू शहर में एक अनोखा मामला सामने आया है। श्मशान घाट में एक मरा हुआ व्यक्ति चिता के पास पहुंचकर जीवित हो उठा। उसकी साँसें फूलने लगीं। तुरंत एक एम्बुलेंस बुलाई गई और उस आदमी को अस्पताल ले जाया गया।
बता दें कि बीडीके अस्पताल के डॉक्टरों ने व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया, इसके बाद शव को मोर्चरी भेज दिया गया। शव को ढाई घंटे तक डी-फ्रीज में रखा गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मृत घोषित किये जाने के करीब चार-पांच घंटे बाद व्यक्ति फिर से सांस लेने लगा। इस घटना को जानकर हर कोई हैरान है।
जानकारी के अनुसार झुंझुनूं बागड़ मां सेवा संस्थान के शेल्टर होम में रहने वाले रोहितश नामक युवक की तबीयत गुरुवार दोपहर को खराब हो गई थी। रोहितश बहरा होने के साथ-साथ अनाथ भी है। वह काफी समय से यहीं रह रहे हैं। तबीयत बिगड़ने पर उसे झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल लाया गया।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रोहितश को मृत मान लिया गया और अस्पताल की मोर्चरी में रख दिया गया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया। करीब दो से ढाई घंटे तक शव फ्रिज में पड़ा रहा। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और पंचनामा तैयार किया गया।
बागड़ की मौजूदगी में शव मां सेवा संस्था के पदाधिकारियों को सौंप दिया गया। शव को एंबुलेंस की मदद से पास के श्मशान घाट ले जाया गया। यहां शव को चिता पर रखा गया। इसी बीच रोहितश की सांसें फूलने लगीं। पहले रोहितश की सांसें चलने लगीं और फिर उसका शरीर हिलने लगा। शव की हरकत देखकर वहां मौजूद लोग भी डर गए। इसके बाद तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और रोहितश को अस्पताल ले जाया गया। अब रोहितश का बीडीके अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है।



