अमेठी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिला में नाबालिग की मौत का मामला ऑनर किलिंग का निकला। बदनामी से बचने के लिए पिता और भाई ने मिलकर नाबालिग की हत्या कर उसे बीमारी में मौत का रूप दिया था। आरोपियों ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस की पूछताछ में अपना जुर्म क़बूला लिया है। वहीं अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने पिता का चालान कोर्ट भेजते हुए विधिक कार्रवाई कर दी है।
एक कहावत है कि ‘प्रेम का दुश्मन सारा जमाना’ ये अमेठी में ऑनर किलिंग में बिल्कुल फिट बैठती है। जहां पीपरपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में बेटी का गैर समुदाय के युवक से प्रेम करने पर परिवार वालों से उसे सजा-ए-मौत की सजा दे दी। समाज में बदनामी से बचने के लिए पिता ने ही अपनी बेटी को मौत के घाट उतार दिया। दरअसल अमेठी जिले में गुरुवार को घर से स्कूल के लिए निकली बेटी के प्रेमी के साथ भागने की सूचना पर मृतक किशोरी के पिता ने पहले अपने नाबालिग बेटे के साथ धम्मौर बाजार में दिन-दिहाड़े पिटाई की।
फिर पिटाई की सूचना पर पहुंची धम्मौर पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक किशोरी ने पुलिस के सामने घर में अपनी हत्या करने का अंदेशा जाहिर करती रही। लेकिन धम्मौर पुलिस ने परिवार का मामला बताते हुए समझा-बुझा छात्रा को घर भेज दिया। वहीं घर पहुंचने के बाद शुक्रवार तक परिजन किशोरी को प्रेमी से दूर होने की बात समझाते रहे, लेकिन किशोरी ने जब प्रेमी के साथ रहने की जिद करने लगी तो पिता व नाबालिक भाई के सिर खून सवार हो गया।
बेटी गैर समुदाय के युवक के साथ शादी करेगी तो परिवार की बदनामी होगी। बदनामी से बचने के लिए घर पर फिर से बेटी की पिटाई करने लगे। इसी दौरान किशोरी का सिर दीवार से टकरा गया और खून आने लगा तो सबके होश उड़ गए। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बेटी की मौत के बाद परिजन ने बीमारी की बात कहते हुए शनिवार को शव दफन कर दिया।
शव दफन होने के बाद धम्मौर बाजार में पिटाई का वीडियो वायरल होने लगा। ग्रामीणों में ऑनर किलिंग में मौत की सूचना सार्वजनिक हुई तो पुलिस ने चौकीदार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज किया। एफआईआर दर्ज करने के बाद भी परिजन बीमारी से मौत होने की बात कहते हुए पुलिस को गुमराह करते रहे। हालांकि अमेठी डीएम के आदेश पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव कब्र से निकाल पोस्टमॉर्टम कराया गया तो परिजनों की कहानी गलत साबित हुई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने पिता नियातमउल्ला से पूछताछ शुरु की तो उसने सच बताया और कहा कि बेटी के प्रेमी के साथ जाने की जिदद करने व समाज में बदनामी से बचने के लिए पिटाई करने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि पिटाई से लगी चोट से बेटी की मौत हो गई तो शव को दफन कर दिया। नियातमउल्ला के अपराध कबूल करने के बाद पुलिस ने विधिक कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया।



