चंडीगढ़/ मानसा। पंजाब कांग्रेस किसानों के समर्थन में आज मानसा स्थित DC ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन कर रही है। इसमें प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत अन्य कांग्रेसी नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। राजा वड़िंग ने पार्टी समर्थकों और आमजन से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राजा वड़िंग ने कहा कि बाढ़ से पंजाब के किसानों का काफी नुकसान हुआ है। पंजाब सरकार ने किसानों को बिना गिरदावरी के मुआवजा देने की घोषणा की। यहां तक कि जिन किसानों के बकरे या अन्य पशु मारे गए, CM मान ने उन्हें भी मुआवजा देने की बात कही है। लेकिन 6 हजार व 6500 रुपए के चेक भी चंद किसानों को ही दिए गए, जो काफी नहीं है।
पंजाब सरकार ने नहीं बुलाया बजट सेशन
राजा वड़िंग ने कहा कि उन्होंने पंजाब सरकार से बार-बार कहा कि बजट सेशन बुलाया जाना चाहिए। लेकिन बजट सेशन नहीं बुलाया गया। वहीं केंद्र की भाजपा सरकार से भी किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा बाढ़ आने पर राहत के लिए केंद्र सरकार के पास 50 हजार करोड़ रुपए का फंड होता है। इसमें से भी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभी तक 218 करोड़ रुपए पंजाब को दिए गए हैं। लेकिन प्रभावित लोगों को किसी अन्य प्रकार की राहत नहीं मिल सकी है।
गवर्नर का दौरा भी खानापूर्ति बताया
राजा वड़िंग ने कहा कि पंजाब गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। साथ ही अन्य कई बड़े नेताओं ने प्रदेश सरकार के किसान हितैषी होने का दावा किया। लेकिन यदि पंजाब के लोगों को मुआवजा दिया गया तभी साबित होगा कि प्रदेश सरकार आमजन की कितनी हितैषी है।
लाभार्थी किसानों की संख्या घटाई गई
राजा वड़िंग ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि PM किसान योजना के तहत किसान को 6 हजार रुपए मुआवजा राशि दी जाती थी। तीन साल पहले दिसंबर 2019 और मार्च 2020 में इस योजना के लाभार्थी किसानों की संख्या 23 लाख 13 हजार 13 लाभार्थी थी। लेकिन अब इनकी संख्या कम होते-होते 2021 में 18 लाख रह गई, फिर साल 2022 में 17 लाख 13 हजार 808 और अप्रैल 2023 तक इन लाभार्थी किसानों की संख्या केवल 8 लाख 53 हजार 960 रह गई है।



