मनीपुर में खौफनाक कार्रवाईयों की हम निंदा करते है, अमन- शांति की स्थापना के लिए करते रहेंगे संघर्षःडायोसिस ऑफ जालंधर
चर्चों- पूजा स्थानों को नुकसान पहुंचाना अति शर्मनाक है, नाकाबिल ए मुआफी जुर्म
जालंधर। जानकारी के अनुसार डायोसिस ऑफ जालंधर के मुख्य कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा मनिपुर में हो रही हिंसा को रोकने एवं शांती स्थापित किये जाने को लेकर विशाल रोष प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जिस में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। मीडिया से बात करते हुए डायोसिस ऑफ जालंधर के मुख्य कार्यकर्ताओं ने कहा कि हम मणिपुर राज्य की मंद भागी स्थिति के बारे में बहुत फिक्र करते हैं।
पिछले ढाई महीनों के दौरान मणिपुर में बड़े पैमाने पर मानहानि और अराजकता की घटनाएं अंजाम दी गई हैं। विशेष रूप से घाटी इलाके के बाहरी इलाकों में हिंसा लगातार जारी है। अकेले सरकारी आंकड़ों पर नजर मारें तो 160 से ज्यादा लोगों को बेरहमी से कत्ल कर दिया गया है । हर तरह के हमले आगजनी और मारने की घटनाएं जारी हैं एवं चर्चों- पूजा स्थानों और संस्थानों पर बड़े पैमाने पर तबाही हुई है ।
घरों और रिहायशी इलाकों को आग लगा दी गई है लोगों का माल लूटा गया है और जिंदगी या उजाड़ दी गई हैं स्कूल तबाह हो गए हैं और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। 50000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं और अलग-अलग राहत कैंपों और निजी रिहाइश गांवों में बेरहमी की हालत में रह रहे हैं। यह बहुत ही शर्मनाक है।
हाल ही में विश्व स्तर पर भाईचारे ने इस घटना को दिखाती हुई वीडियो को मायूसी भरा बताया जो के कथित तौर पर 15 मई को हुआ था जिसमें 2 औरतों को नगन करके घुमाया गया। और हमलावरों के एक समूह द्वारा शारीरिक और मानसिक रूप से उनका शोषण किया गया।
डायोसिस के पदाधिकारियों ने कहा कि यह धक्के शाही बहुत ही निंदनीय है। हम औरतों के खिलाफ इन खिलौने अपराधों की वजह से गुस्से में हैं। हम हिंसा और बेरहमी की इन खौफनाक कार्रवाईयों की हम निंदा करते हैं। कानून व्यवस्था वहां पर लगता है पूरी तरह चौपट हो गई है। इसी को लेकर और शांति स्थापित करने के लिए हमने प्रार्थना ओं के अलावा जालंधर डायोसेस ने चार अलग-अलग जगहों पर रोष रैलियां आयोजित करने की पहल की है।




