इंफाल। मणिपुर में 4 मई को भीड़ ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर सड़क पर घुमाया था। 19 जुलाई को इसका वीडियो सामने आने के बाद राज्य में हिंसा बढ़ गई है। शनिवार (22 जुलाई) को चुराचांदपुर और इंफाल के पास मैतेई और कुकी समुदाय के बीच रात भर फायरिंग हुई। बिष्णुपुर के थोरबुंग में भीड़ ने एक स्कूल और कई घरों में आग लगा दी।
इस बीच मिजोरम में पूर्व उग्रवादी संगठन शांति समझौता एमएनएफ रिटर्नीज एसोसिएशन (PAMRA) ने मैतेई को सतर्कता बरतने की एडवाइजरी जारी की। जिसके बाद डर के कारण मैतेई समुदाय के करीब 10 हजार लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। हालांकि मिजोरम सरकार ने मैतेई की सुरक्षा के लिए राजधानी आइजोल में चार बटालियन कैंप बनाए हैं। मणिपुर-मिजोरम सीमा पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। मणिपुर सरकार ने कहा है कि मिजोरम में मैतेई समुदाय के लोग डरे हुए हैं। हम उन्हें एयरलिफ्ट करेंगे। 40 लोग मिजोरम से मणिपुर आ चुके हैं ।
मणिपुर में 4 मई को दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाने के साथ एक और घटना हुई थी। उसी दिन दो अन्य लड़कियों का रेप कर हत्या कर दी गई थी। ये घटना कांगपोकपी जिले के कोनुंग ममांग इलाके में हुई थी, यह जगह दूसरे घटनास्थल से 40 किलोमीटर दूर है।
पीड़ितों के साथ काम करने वाले एक शख्स ने बताया कि एक लड़की की उम्र 21 और दूसरी की 24 साल थी। दोनों गैराज में काम करती थीं। उस दिन भीड़ में महिलाएं भी आई थीं। उन महिलाओं ने ही भीड़ में मौजूद मर्दों से उनका रेप करने के लिए कहा था।इसके बाद वो लड़कियों को कमरे में ले गए। लाइट बंद कर दी। उनके मुंह पर कपड़ा बांध दिया गया। डेढ़ घंटे बाद उनको घसीटते हुए बाहर लाया गया। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे। वो खून से लथपथ थीं। उनके बाल भी कटे हुए थे।



