नई दिल्ली। फिल्मों में जब कोई हीरो महिला का रूप लेकर स्क्रीन पर आता है तो लोग उस पर हँसते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि भारत में एक खास त्योहार मनाया जाता है जिसमें पुरुष, असल में औरतों की तरह तैयार होते हैं। उनके ऊपर ना ही कोई हंसता है, ना ही उनका मजाक बनाया जाता है, बल्कि ये उनकी आस्था और भगवान में विश्वास का अनोखा नज़ारा है जिसे देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। हम बात कर रहे हैं केरल के चमयाविलक्कू त्योहार की।
आईआरएएस अफसर अनंत रूपनागुड़ी ट्विटर पर काफी एक्टिव रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक फोटो ट्वीट की है जिसमें एक महिला साड़ी पहने नज़र आ रही है। महिला दिखने में बेहद खूबसूरत लग रही है, पर इस तस्वीर की सच्चाई कुछ और है। दरअसल, तस्वीर में दिख रहा इंसान महिला नहीं, पुरुष है। फोटो को शेयर करते हुए अनंत ने लिखा- केरल के कोल्लम ज़िले में कोट्टमकुलकारा इलाके में एक देवी मंदिर है जिसमें चमयाविलक्कू त्योहार मनाया जाता है।
इस त्योहार में पुरुष, औरतों की तरह तैयार होते हैं। ये तस्वीर उस पुरुष की है जिसे पहला पुरस्कार त्योहार के दिन मिला है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट और केरल टूरिज्म वेबसाइट के अनुसार इस त्योहार को रोशनी का उत्सव माना जाता है। इसे मलयालम महीने मीनम के 10वें और 11वें दिन मनाया जाता है यानी मार्च के दूसरे भाग में। त्योहार में पुरुष, महिलाओं की तरह सजते हैं और फिर मशाल या दीया लेकर निकलते हैं। वो साड़ी पहनते हैं, गहने पहनते हैं, और मेकअप भी औरतों की ही तरह करते हैं
इस त्योहार के दिन समलैंगिक लोग भी इसका हिस्सा बनते हैं क्योंकि यही एक त्योहार है जिसमें वो खुलकर अपने सच को अपना सकते हैं। दीया लेकर निकले पुरुष, मंदिर की परिक्रमा करते हैं और भगवान के प्रति अपनी आस्था दर्शाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान खुश होते हैं। सोशल मीडिया पर शेयर की गई फोटो पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बहुत से लोगों को तो यकीन ही नहीं आ रहा है कि वो महिला नहीं, पुरुष है।



