मुफ़्ती अब्दुल मलिक क़ासमी, बतौर मुशाहिद हुए शामिल
मालेरकोटला,30 अगस्त। क़ारी मोहम्मद अनस, उपाध्यक्ष जमीयत उलमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़ के निर्देश के अनुसार अमरगढ़ ज़िला मालेरकोटला में जमीयत उलमा-ए-हिन्द की यूनिट का क़ियाम अमल में आया और इसमें मुआयना करने वाले के रूप में मशहूर आलिमे-दीन मुफ़्ती अब्दुल मलिक क़ासमी, महतम्मिम दारुल उलूम मालेरकोटला, पंजाब शामिल हुए।
मुफ़्ती अब्दुल मलिक क़ासमी ने इंतिखाबी इजलास से ख़िताब करते हुए कहा कि पंजाब और मुसलमानान-ए-पंजाब पर जमीयत उलमा-ए-हिन्द के एहसानात सबसे बढ़कर हैं और यहाँ के बाशिंदों का जमीयत उलमा से ताल्लुक भी तारीख़ का एक रौशन बाब है। उन्होंने कहा कि अपनी हर दिशा में दीन व इल्मी और मिल्ली व सामाजिक सेवाओं के लिहाज़ से जमीयत उलमा का कोई सानी नहीं। ज़रूरत महसूस की जा रही थी कि अमरगढ़ जैसे ज़िला मालेरकोटला के अहम इलाक़े में जमीयत उलमा की यूनिट क़ायम हो और यहाँ के आम और ख़ास लोगों के लिए जमीयत उलमा और उसके अक़ाबिर से लाभ उठाने के रास्ते आसान हों।
बहुत खुशी की बात है कि अमरगढ़ के उलमा और कुछ दीनदार मिल्ली ज़िम्मेदारों की फ़िक्र व कोशिश से यहाँ जमीयत उलमा की यूनिट का क़ियाम अमल में आ गया है। मुफ़्ती अब्दुल मलिक क़ासमी ने उम्मीद ज़ाहिर की कि अमरगढ़ के लोग अब बड़ी तादाद में जमीयत उलमा-ए-हिन्द और उसके कामों से वाक़िफ़ होंगे और क़रीब भविष्य में इसके बेहतरीन फ़वायद मुसलमानान-ए-अमरगढ़ को मिलेंगे।
मुफ़्ती अब्दुल मलिक क़ासमी ने मीडिया के नुमाइंदों से दौरान-ए-गुफ़्तगू बताया कि इत्तेफ़ाक़ राय से मुफ़्ती अफ़रोज़ आलम क़ासमी, जमीयत उलमा अमरगढ़ ज़िला मालेरकोटला के अध्यक्ष चुने गए हैं, जबकि मुफ़्ती रिज़वानुल्लाह क़ासमी को जमीयत उलमा अमरगढ़ का उपाध्यक्ष बनाया गया है और अन्य नवनिर्वाचित ज़िम्मेदारान में मौलाना मोहम्मद मजहर क़ासमी (महासचिव, जमीयत उलमा अमरगढ़), मोहम्मद नवाब (सचिव, जमीयत उलमा अमरगढ़) और मोहम्मद लियाक़त (ख़ज़ांची, जमीयत उलमा अमरगढ़) के नाम शामिल हैं और सदस्यों में मोहम्मद आबिद, मोहम्मद अक़रम, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद अशरफ़ अंसारी और मोहम्मद रफ़ीक़ आदि के नाम शामिल हैं। मुफ़्ती साहब ने कहा कि ये सब नवनिर्वाचित ज़िम्मेदारान इस इलाक़े में अरसे से दीन व मिल्लत की सेवा अंजाम दे रहे हैं और इनका यह चुनाव हक़ बहक़दारे रसीद की मिसाल है।



