मदरसें के छात्रों ने यौम-ए-आज़ादी (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं।
मालेरकोटला,16 अगस्त। जश्न-ए-आज़ादी के मौके पर पंजाब की मशहूर और प्राचीन दीनी संस्था मदरसा इस्लामिया अरबिया तज्वीदुल कुरआन मालेरकोटला में स्वतंत्रता दिवस के शीर्षक पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। संस्थान के मह्तमिम कारी मोहम्मद अनस ने पूरे वतनवासियों को *जश्न-ए-आज़ादी* की बधाई दी।
इस अवसर पर परचमकुशाई (झंडा फहराने) की रस्म सरपरस्त-ए-आला हज़रत मौलाना हाफिज़ मोहम्मद सालिम साहब दामत बरकातहुमुल आलिया ने अदा की। मौके पर छात्रों ने खूबसूरत कार्यक्रम पेश करते हुए अपने बुज़ुर्गों, असलाफ और स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों पर तफ़सीली तकरीरें कीं और राष्ट्रीय गीत भी प्रस्तुत किया। इसी दौरान संस्थान के नाज़िम-ए-तालीमात, प्रतिष्ठित शिक्षक मौलाना आसिम नदवी ने आज़ादी की सालगिरह के मौके पर खिताब करते हुए कहा कि आज हम *जश्न-ए-आज़ादी* मना रहे हैं। 1857 की जंग-ए-आज़ादी में 50 हज़ार से अधिक मुस्लिम उलमा ने शहादत का जाम पिया। इससे पूरी कौम को वतन पर कुर्बान होने का पैग़ाम मिला।
आज हम जो आज़ादी से ज़िंदगी बिता रहे हैं, यह हमारे शहीदों की कुर्बानियों का नतीजा है। हमारे बुज़ुर्गों ने अंग्रेज़ों के ज़ुल्म को हंसते हुए बर्दाश्त किया और फांसी के फंदे को क़ुबूल किया, मगर डरे नहीं। उन्होंने आज़ादी की भारी क़ीमत अदा की। हमारी ज़िम्मेदारी है कि इन आज़ादी के दीवानों की कुर्बानियों की कहानी हर बच्चे तक पहुंचाएं। यह हमारे लिए फ़ख्र की बात है कि हम आज़ाद हिन्दुस्तान में पूरी आज़ादी के साथ ज़िंदगी बिता रहे हैं। देश को आज़ाद कराने में हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई – सब धर्मों के लोगों ने कुर्बानियां दीं। अब हम सबको मिलकर मुल्क को तरक़्क़ी की राह पर आगे बढ़ाना चाहिए।”
इस मौके पर मालेरकोटला की कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत की। जिनमें काबिले-ज़िक्र नाम हैं –
मुफ्ती मरग़ूबुर्रहमान क़ासमी(सदर, जमीअत उलमा मालेरकोटला),कारी मोहम्मद मुनव्वर साहब,कारीमोहम्मद गुल सनवर साहब,कारी मुक़ीम अहमद साहब,कारी मोहम्मद क़ासिम साहब,कारीरुसतम साहब,मास्टर अब्दुल मजीद साहब,मदरसें के शिक्षक,भाई मोहम्मद इलियासकामरेड(मालेरकोटला),मिस्त्री मोहम्मद मंशाद शफी (बस्ती),कारी नाज़िम साहब वग़ैरह। अंत में मदरसे के मह्तमिम कारी मोहम्मद अनस ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया और खुशी के मौके पर मिठाई भी बांटी गई।
साथ ही पूरे मुल्क में बसने वाले सभी लोगों के लिए अमन, शांति और सलामती की दुआ की गई।



