Thursday, April 16, 2026
No menu items!
Google search engine

क़ारी मोहम्मद ताहिर जमीयत उलमा समराला ज़िला लुधियाना पंजाब के अध्यक्ष नियुक्त

Spread the News

क़ारी मुजाहिदुल इस्लाम बिजनोरी व मौलाना अल्तमश सिद्दीकी लुधियानवी ने व्यक्त की प्रसन्नता

समराला, 12 अगस्त।  लुधियाना–चंडीगढ़ रोड पर पंजाब का ऐतिहासिक शहर समराला स्थित है। आज़ादी के बाद यह शहर अपने मुस्लिम निवासियों से पूरी तरह खाली हो गया था और मदरसे व मस्जिदें उजाड़ और गैर-आबाद हो गई थीं। लगभग पैंतीस साल पहले हाफ़िज़ नसरुद्दीन साहब ने यहां क़याम किया और हर तरह की परीक्षाओं के बावजूद डटे रहे। आखिरकार उन्होंने अपने गुर्जर साथियों व सहयोगियों के साथ मिलकर समराला शहर के मौजूदा मदरसे की बुनियाद रखी, जो “मदरसा अनवारुल उलूम समराला” के नाम से मशहूर है और पंजाब के प्रतिष्ठित मदरसों में गिना जाता है।

क़ारी मोहम्मद ताहिर इस समय इस मदरसे के मोहतमिम हैं। उनकी, हाजी मोहम्मद शरीफ़ (रुकन-ए-शूरा) और क़ारी मोहम्मद तौसीफ़ (नाज़िम-ए-तालीमात) की कोशिशों से जमीयत उलमा की एक यूनिट यहां पहले से मौजूद है। अब जबकि देशभर में केंद्रीय दफ़्तर जमीयत उलमा-ए-हिंद के निर्देशानुसार क्षेत्रीय यूनिटों के गठन का सिलसिला जारी है, जमीयत उलमा ज़िला लुधियाना का एक प्रतिनिधिमंडल क़ारी मोहम्मद ताहिर की दावत पर समराला पहुंचा और उनकी अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से क़ारी मोहम्मद ताहिर को जमीयत उलमा समराला का अध्यक्ष चुना गया, जबकि हाजी मोहम्मद शरीफ़ व मौलाना मुइनुद्दीन (इमाम व ख़तीब, जामा मस्जिद समराला) को उपाध्यक्ष, क़ारी मोहम्मद तौसीफ़ को महासचिव, हाजी ग़ुलाम रसूल व मोहम्मद सिद्दीक को संयुक्त सचिव, हाफ़िज़ मोहम्मद हारून को नाज़िम-ए-इस्लाह-ए-मुआशरा, क़ारी मोहम्मद ज़ीशान व मोहम्मद उमर को उप-नाज़िम-ए-इस्लाह-ए-मुआशरा और अबूबक्र व परवेज़ आलम को ख़ज़ांची नियुक्त किया गया।

प्रसिद्ध क़ारी मुजाहिदुल इस्लाम बिजनोरी और मौलाना मोहम्मद अल्तमश सिद्दीकी लुधियानवी ने इस बैठक में पर्यवेक्षक के तौर पर शिरकत की और समराला के इस चुनाव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क़ारी मोहम्मद ताहिर, हाजी मोहम्मद शरीफ़, क़ारी मोहम्मद तौसीफ़, हाफ़िज़ मोहम्मद हारून और मोहम्मद सिद्दीक समेत जमीयत उलमा समराला के सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये लोग जमीयत उलमा के मज़बूत मंच से अपने कार्यों को पहले की तरह न केवल जारी रखेंगे, बल्कि उनके दायरे को और अधिक विस्तार देने की हर संभव कोशिश करेंगे।

मुफ़्ती मोहम्मद आरिफ़ लुधियानवी (कन्वीनर, जमीयत उलमा हरियाणा, पंजाब, हिमाचल व चंडीगढ़) की दुआ पर यह महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments