नई दिल्ली,6 मई। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिंधु जल समझौता और पाकिस्तान को दिए जाने वाले वीजा सुविधा को अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है। इसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से राजनीतिक और सैन्य स्तर पर तीखी बयानबाजी की जा रही है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री हनीफ अब्बासी ने भारत को खुलेआम परमाणु हमले की धमकी देते हुए कहा कि “हमारे पास गौरी, अब्दाली और गजनवी जैसी मिसाइलें हैं, और 130 परमाणु हथियार हैं, जिनका रुख हिंदुस्तान की ओर है।” पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने भी भारत को चेतावनी दी है कि यदि कोई एकतरफा कार्रवाई हुई तो उसका “भारी खामियाजा” भुगतना पड़ेगा। इन तीखी टिप्पणियों के चलते सीमा पार तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि भारत आने वाले दिनों में पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकता है।
भारत बनाम पाकिस्तान: वायुसेना की शक्ति में कौन भारी?
इस बढ़ते तनाव के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सैन्य संघर्ष की नौबत आती है, तो दोनों देशों की वायुसेनाएं किस स्तर पर एक-दूसरे का सामना कर सकती हैं।
पाकिस्तान एयरफोर्स की ताकत: F-16 पर निर्भरता
पाकिस्तान के पास अमेरिका निर्मित F-16 लड़ाकू विमान हैं, जिन्हें उसकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। यह एक सिंगल इंजन मल्टी-रोल फाइटर जेट है जिसे अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है। F-16 की पहली उड़ान दिसंबर 1976 में हुई थी और वर्तमान में यह 25 से अधिक देशों की वायुसेना में सेवा दे रहा है।



