लुधियाना, 2 फरवरी। कथित तौर पर दो हफ्ते पहले लुधियाना की पूर्वी तहसील के दफ्तर में बैठकर जगराओं की छह विवादित रजिस्ट्रियां करने वाले तहसीलदार रणजीत सिंह की स्पीड देखकर पंजाब सरकार भी हैरान है। रणजीत सिंह की यही तेजी उनके निलंबन का कारण भी बनी। पंजाब सरकार के वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अनुराग वर्मा द्वारा की गई जांच में पता चला है कि तहसीलदार रणजीत सिंह ने अपने पद का दुरुपयोग किया है, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, तहसीलदार रणजीत सिंह इसी माह 28 फरवरी को सेवानिवृत्त होने वाले थे।
अपर मुख्य सचिव (वित्त) अनुराग वर्मा ने इस तहसीलदार को नौकरी से निलंबित कर दिया है। इस तहसीलदार की शिकायत एक व्यक्ति ने राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों से की थी, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट पंजाब लैंड रिकार्ड सोसायटी से ली गई थी।
रणजीत सिंह वर्तमान में जगराओं तहसील में तैनात हैं और उनके पास लुधियाना (पूर्व) का अतिरिक्त प्रभार है। 17 जनवरी को तहसील जगराओं और लुधियाना (ईस्ट) में हुई रजिस्ट्रियों की जांच की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस तहसीलदार ने 17 जनवरी की शाम 5.12 बजे एक रजिस्ट्री की, जबकि उसी दिन शाम को इसी तहसीलदार ने जगराओं तहसील में 5.16 बजे दूसरी रजिस्ट्री की। दोनों रजिस्ट्री में सिर्फ चार मिनट का अंतर है।



