मदरसा दारुल उलूम मालेरकोटला में मौलाना मुफ़्ती मुहम्मद इज़हार कासमी मुंबई का संबोधन
मालेरकोटला,23 जनवरी। मुफ्ती मुहम्मद इज़हार कासमी इमाम – खतीब बिलाल जामा मस्जिद साकी टाका मुंबई महाराष्ट्र के सरहिंद और मालेरकोटला की यात्रा के अवसर पर दारुल उलूम मालेरकोटला में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता और संरक्षण प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी अध्यक्ष जमीयत उलेमा संगरूर और मोहतमिम दारुल उलूम मालेरकोटला पंजाब ने की।
मौलाना मुफ्ती मुहम्मद इज़हार कासमी ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि हमारे पास पवित्र कुरान के रूप में अल्लाह की महान और प्रचुर नैमत है। जिस के साथ लगाओ की बरकत से एक इंसान को दुनिया व आखिरत की हकीकी इज्जत नसीब होती है। आपने कहा कि इस किताब की सुरक्षा का वादा खुद परवरदिगार की ओर से किया गया है। इस लिए हम देखते हैं कि न केवल मामून क्षेत्रों में बल्कि दुनिया के उन क्षेत्रों में भी जहां मुसलमान गंभीर परीक्षणों से गुजर रहे हैं वहां भी हर साल, हजारों बच्चे- बच्चियां आश्चर्यजनक रूप से हिफ्जे कुरआन की दौलत से समृद्ध हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मदरसे के युवा मोहतमिम एवं जमीयत उलमा जिला संगरूर के अध्यक्ष मुफ्ती अब्दुल मलिक कासमी के सामाजिक और शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की और कहा कि पंजाब जैसे क्षेत्रों में ऐसे मदरसों का अस्तित्व किसी बड़ी नेमत से कम नहीं है। ऐसे मदरसों और उनके प्रशासकों की कद्र की निगाह से देखा जाना चाहिए और ऐसे संस्थानों की जरूरतों को सआदत के रूप में पूरा किया जाना चाहिए।
सम्माननीय अतिथि की दुआ के साथ ही कार्यक्रम समाप्त हुआ, प्रतिभागियों में मौलाना मुहम्मद जाबिर मोहतमिम मदरसा आयशा लिलबनात जोला, कारी मुहम्मद ताहिर कासमी, कारी मुहम्मद आकिब उस्ताज़ मदरसा दारुल उलूम मालेरकोटला और मौलाना मुहम्मद आकिल आदि के नाम शामिल हैं।



